हाइवा की चपेट में आने से युवक की मौत
बिलासपुर । नो एन्ट्री में बेधडक़ रेत लेकर दौड़ रही तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। मृतक पुलिस विभाग का एएसआई था जिसने हाल ही में ज्वाइन किया था। घटना दोपहर करीब पौन बजे अरपा पार सरकंडा अशोक नगर चौक की है। बताया जा रहा कि युवक बाइक पर नूतन चौक की तरफ से सोनगंगा कालोनी की ओर जा रहा था। सामने चल रहे ऑटो वाले ने अचानक गेट खोला गेट जिससे ठोकर लगने से वह पीछे आ रही हाइवा के चपेट में आ गया और दोनों चक्के के बीच फस गया। हादसे के बाद यहां लोगो की भीड़ लग गई सडक़ पर जाम लग गया। सूचना पर करीब 20- 25 मिनट बाद पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। तनाव बढ़ता देख पुलिस वालों ने मृतक का कपड़ा खींच उसके रक्तरंजित शव को बाहर निकलवाया तो मृतक का पेट फट गया था पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने मृतक के शव को सिम्स रवाना कर उसकी बाइक को थाने भेज दिया। बताया जा रहा कि मृतक सोनगंगा कालोनी का रहने वाला था और हाल ही में उसने पुलिस विभाग में एसआई के पद पर ज्वाइन किया है। रेत की कमाई के आगे कोई नियम नही तभी तो दिन दहाडे नो एंट्री के बाद भी रेत भरी हाइवा बेधडक़ शहर की सडक़ों पर दौड़ आये दिन लोगो की जान ले रही है।
किसके संरक्षण में खेला जा रहा मौत का खेल
रेत माफियाओं और पुलिस की इस मितानी ने न जाने अब तक कितनी जाने ले ली। कितनो को अपंग कर दिया सरकार बदल गई पर रवैया नही बदला सवाल वही है कि आखिर वो कौन सी ताकत है जिसके संरक्षण में मौत खेला जा रहा।
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?