खोज खनन को मिलकर देंगे बढ़ावा-रविकांत
जयपुर । प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने कहा है कि आरएसएमएम और ऑयल इण्डिया मिलकर प्रदेश में अण्डर ग्राउण्ड कोल गैसिफिकेशन की संभावनाओं को तलाशते हुए यूसीजी कार्य को गति देंगे। इसी तरह से आरएसएमएम और ऑयल इण्डिया संयुक्त रुप से पोटाश के लिए आने वाली बिड में हिस्सा लेंगे ताकि प्रदेश में पोटाश का खनन कार्य आरंभ हो सके।
प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त सचिवालय में ऑयल इण्डिया के सीएमडी डॉ. रणजीत रथ से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने ऑयल इण्डिया से प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने, नए क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के एक्सप्लोरेषन कार्य को गति देने, और नए क्षेत्रों में प्रवेश की आवष्यकता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल, यूसीजी सहित सोलर व अन्य क्षेत्रों में विपुल संभावनाएं है और इसके लिए ऑयल इण्डिया को आगे आना चाहिए।ऑयल इण्डिया के सीएमडी डॉ. रणजीत रथ ने बताया कि ऑयल इण्डिया द्वारा फलोदी बीकानेर के डीएसएफ भाखरी टिब्बा से राज्य सरकार के रामगढ़ प्लांट को बिजली उत्पादन के लिए 7 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ प्लांट की मांग बढ़ने पर और अधिक मात्रा में गैस का उत्पादन कर उपलब्ध कराई जा सकती है।डॉ. रथ ने बताया कि भाखरी टिब्बा क्षेत्र में ऑयल इण्डिया 20 और कुओं में एक्सप्लोरेशन और उसके परिणाम के आधार पर गैस उत्पादन का काम आरंभ करना चाहता है और इसके लिए कोलोनाइजेशन डिपार्टमेंट से अनापत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
मौत को मात: एलपीजी टैंकर से बचाए गए 27 भारतीय, नौसेना और कूटनीति की मदद से
एमपी में 1 अप्रैल से वेतन बढ़ोतरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर जारी हुआ आदेश
ईरान का अमेरिकी कंपनियों पर निशाना: प्रेशर पॉलिटिक्स या बदले की रणनीति?
जिंदा महिला को कागजों में मृत बताया, पौने दो बीघा जमीन हड़पने का आरोप; कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए
वैश्विक संकट के बीच राहत, भारत के पास 40 दिनों का ईंधन भंडार सुरक्षित
हाईकोर्ट ने दी जानकारी: 60 में से 47 लाख आपत्तियों का निपटारा, 7 अप्रैल तक सभी मामलों पर फैसला संभव