मानसून में नेशनल पार्क क्यों हो जाते हैं बंद? जानिए असली वजह
क्या आपने कभी सोचा है, जिम कॉर्बेट या रणथंभौर जैसे हमारे शानदार नेशनल पार्क मानसून सीजन में क्यों बंद हो जाते हैं (Why National Parks Close In Monsoon)? क्या ये सिर्फ पर्यटकों की सुविधा के लिए है या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा है? आइए जानते हैं।
भारत के ज्यादातर नेशनल पार्क मानसून में बंद हो जाते हैं।
यह जानवरों की सुरक्षा और आपकी सलामती के लिए जरूरी है।
मानसून में जंगल की सड़कें भी पर्यटकों के लिए सुरक्षित नहीं रहती हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपने कभी जुलाई या अगस्त में वाइल्डलाइफ सफारी का प्लान बनाया हो, तो यह जानकर निराशा जरूर हुई होगी कि नेशनल पार्क उस समय बंद रहते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मानसून आते ही भारत के जिम कॉर्बेट, रणथंभौर, बांधवगढ़ जैसे बड़े नेशनल पार्क बंद क्यों कर दिए जाते हैं (Why National Parks Close In Monsoon)? दरअसल, इस सवाल का जवाब सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई जरूरी कारणों में छिपा है। आइए विस्तार से जानते हैं।
जानवरों का ब्रीडिंग सीजन
मानसून का मौसम केवल हरियाली ही नहीं लाता, यह जंगल के लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत का समय भी होता है। इस मौसम में बाघ, तेंदुआ, हाथी और कई पक्षियों समेत तमाम जानवरों का ब्रीडिंग सीजन शुरू होता है। बारिश के चलते जंगल में घास और वनस्पति खूब बढ़ती है, जो नवजात शावकों के लिए सुरक्षित और पोषण से भरपूर माहौल बनाती है। ऐसे समय में, इंसानों की आवाजाही जानवरों की एक्टिविटीज में बाधा डाल सकती है। इसलिए पार्क प्रशासन मानसून के दौरान पार्क को बंद कर देता है (National Park Rules India) ताकि जानवर बिना किसी खलल के अपने नेचुरल साइकिल को पूरा कर सकें।
पार्क की मरम्मत का समय
मानसून का दूसरा बड़ा फायदा प्रशासन के लिए होता है। इस समय को वे पार्क के बुनियादी ढांचे की मरम्मत और सुधार के लिए इस्तेमाल करते हैं। कई बार सड़कों, साइनबोर्ड्स, वॉच टावर या कैंप एरिया को नुकसान पहुंचता है, जिसे इस दौरान ठीक किया जाता है ताकि आने वाले पर्यटन सीजन में पार्क बेहतर स्थिति में खुल सके।
पर्यटकों की सुरक्षा भी है एक बड़ी वजह
बरसात के दौरान जंगल की सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, रास्ते धुंधले हो सकते हैं और तेज बारिश के कारण भूस्खलन या अचानक बाढ़ की संभावना बनी रहती है। ऐसे में, जंगल सफारी न सिर्फ मुश्किल हो जाती है बल्कि पर्यटकों के लिए खतरनाक भी हो सकती है। इसलिए इस मौसम में पार्क बंद कर देना एक जरूरी एहतियात होता है।
कौन-कौन से राष्ट्रीय उद्यान रहते हैं बंद?
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड: इसके कुछ जोन साल भर खुले रहते हैं, लेकिन प्रसिद्ध ढिकाला और बिजरानी जोन जून से लेकर अक्टूबर/नवंबर तक बंद रहते हैं।
रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान: यहां 1 जुलाई से 30 सितंबर तक सफारी पर रोक लगाई जाती है। हालांकि, जोन 6 से 10 तक कुछ भाग मानसून में भी खुले रहते हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश: यह पार्क भी मानसून की शुरुआत के साथ बंद हो जाता है।
काजीरंगा नेशनल पार्क, असम: एक सींग वाले गैंडे के लिए मशहूर यह पार्क मई से अक्टूबर तक बाढ़ की संभावना के चलते बंद रहता है। फिर दोबारा कब खुलते हैं नेशनल पार्क? जैसे ही अक्टूबर के बाद बारिश रुकती है और जंगल की जमीन फिर से सुरक्षित होती है, लगभग सभी नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व एक बार फिर से पर्यटकों का स्वागत करने लगते हैं। बारिश के बाद की बढ़ी हुई हरियाली और वन्यजीव गतिविधि सफारी के एक्सपीरिएंस को और भी खास बना देती है।
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