चिपचिपे बालों से हैं परेशान? हेयर केयर की इन आदतों को तुरंत बदलें
बाल धोने के बाद स्कैल्प का साफ और हल्का महसूस होना स्वाभाविक अपेक्षा होती है। हालांकि, कई बार शैंपू करने के उपरांत भी सिर की त्वचा में चिपचिपाहट, भारीपन अथवा गंदगी बनी रहती है। स्वास्थ्य एवं सौंदर्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या का मुख्य कारण बार-बार शैंपू न करना बल्कि बाल धोने की अनुचित तकनीक और गलत आदतें हैं।
स्कैल्प की समस्याओं के प्रमुख कारण
सिर की त्वचा पर प्राकृतिक सीबम (तेल), पसीना, धूल-मिट्टी, डेड स्किन सेल्स और हेयर प्रोडक्ट्स के अवशेष जमा हो जाते हैं। यदि धोने की प्रक्रिया सही न हो तो यह गंदगी जड़ों में बनी रहती है। इसके अतिरिक्त, अत्यधिक गर्म पानी का उपयोग और बार-बार बालों को धोना भी स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकता है।
साफ और स्वस्थ स्कैल्प के लिए 7 महत्वपूर्ण नियम
-
शैंपू सीधे स्कैल्प पर लगाएं: शैंपू का प्राथमिक कार्य स्कैल्प की सफाई है। इसे हथेलियों में फैलाकर केवल जड़ों और स्कैल्प पर लगाएं। बालों की लंबाई पर इसे जोर से रगड़ने की आवश्यकता नहीं होती।
-
उंगलियों के पोरों से मसाज करें: सफाई के चक्कर में नाखूनों का प्रयोग न करें, इससे त्वचा में संक्रमण हो सकता है। सदैव उंगलियों के सॉफ्ट फिंगरटिप्स से हल्की मालिश करें।
-
पर्याप्त पानी से पूरी तरह धोएं: कई बार शैंपू के अवशेष जड़ों में रह जाते हैं। घने बालों वाले लोगों को पर्याप्त पानी से स्कैल्प को पूरी तरह साफ करना चाहिए।
-
स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स का सीमित उपयोग: हेयर जेल, वैक्स, ड्राई शैंपू और हैवी सीरम का अत्यधिक प्रयोग स्कैल्प पर परत बना देता है, जिससे साधारण शैंपू से सफाई कठिन हो जाती है।
-
सामान्य या गुनगुने पानी का प्रयोग: अत्यधिक गर्म पानी स्कैल्प के प्राकृतिक मॉइश्चर को छीनकर उसे रूखा और इरिटेटेड बना देता है।
-
जड़ों और स्कैल्प पर केंद्रित रहें: धोते समय ध्यान केवल बालों की लंबाई पर न रखकर जड़ों की सफाई पर दें, क्योंकि तेल और पसीना यहीं संचित होता है।
-
स्कैल्प टाइप के अनुसार रूटीन बनाएं: ऑयली, ड्राई, कर्ली या पसीने वाले बालों की जरूरतें भिन्न होती हैं। अपनी जीवनशैली और स्कैल्प के प्रकार के अनुसार ही बाल धोने का अंतराल तय करें।
विशेषज्ञ की सलाह
यदि सही रूटीन अपनाने के बाद भी स्कैल्प में अत्यधिक खुजली, जलन, लालिमा, दाने या असामान्य रूप से बाल झड़ने की समस्या बनी रहती है, तो इसे केवल शैंपू की गड़बड़ी न मानकर तत्काल त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से परामर्श लेना चाहिए।
राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव