ठाकरे बंधुओं की सुलह पर 'ब्रेक'? CM फडणवीस से राज ठाकरे की भेंट ने बढ़ाई सियासी हलचल
महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बीच मुलाकात हुई है. इस मुलाकात के बाद काफी सारे कयास लगाए जा रहे हैं. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ताज लैंड होटल में हुई.
यह मुलाकात इसीलिए और भी ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि यह आगामी नगर निगम चुनावों से पहले हुई है. हालांकि, जहां एक तरफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज थी. वहीं, इसी बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बांद्रा के एक होटल में बैठक हुई. जिससे अब सियासी पारा बढ़ गया है.
किन बातों पर हुई चर्चा
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि दोनों नेता अच्छे दोस्त हैं और हो सकता है कि उन्होंने राज्य से संबंधित विकास के मुद्दों पर चर्चा के लिए मुलाकात की हो. महाराष्ट्र सरकार ने इस हफ्ते मुंबई सहित 29 नगर निगमों के लिए वार्ड परिसीमन के आदेश जारी करके स्थानीय निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की है.
राज-उद्धव ठाकरे के बीच गठबंधन के कयास
जहां राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक हुई है. वहीं, इससे कुछ दिन पहले तक इस तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थी कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर साथ आ सकते हैं. लेकिन अब राज ठाकरे ने देवेंद्र फडणीस से मुलाकात की है. एक समय महाराष्ट्रट्र में ठाकरे परिवार का ‘अघोषित राज’ था. लेकिन अब महाराष्ट्रट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार हाशिए पर आ गया है. जहां लग रहा था कि ठाकरे परिवार एक साथ आ जाएगा वहीं अब इन अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है.
दोनों भाइयों के बीच हुई फडणवीस की एंट्री
शिवसेना में दो दल बन चुके हैं और उद्धव ठाकरे सत्ता से बाहर हैं. उधर, राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को पिछले कुछ चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में कयास लग रहे थे कि दोनों ठाकरे बद्रर्स फिर साथ आ सकते हैं, इन संकेतों को लेकर मुंबई के गिरगांव इलाके में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संभावित गठबंधन को लेकर पोस्टर लगाए गए थे. लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात के क्या नतीजे सामने आएंगे यह देखना होगा. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई यह सामने नहीं आया है.
चुनाव से पहले दोनों ठाकरे भाई के बीच संभावित सुलह की अटकलें लगाई जा रही हैं. राज ठाकरे ने कहा है कि “मराठी माणूस” (मराठी भाषी लोगों) के हित में एकजुट होना मुश्किल नहीं है, उधर उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा है कि वो तुच्छ झगड़ों को दूर करने के लिए तैयार हैं.
राज ठाकरे ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया था, लेकिन उनकी पार्टी ने पिछले साल नवंबर में राज्य विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा.
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