22 निकाह, 95 बच्चे और अब तलाश! पाकिस्तानी दुल्हनों ने खड़ा किया बड़ा सवाल
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार काफी सख्त नजर आ रही है. भारत में शॉर्ट टर्म वीजा पर रह रहे पाकिस्तानियों को वापस उनके देश भेजने का काम किया जा रहा है. वहीं लॉन्ग टर्म वीजा वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसी कवायद में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से भी पुलिस पाकिस्तानियों की पहचान करने में जुटी है.
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुरादाबाद में 10-20 नहीं बल्कि 500 पाकिस्तानी रह रहे हैं. दरअसल, साल 1950 में 22 महिलाओं की शादी भारत में हुई. इन महिलाओं के अब पूरे-पूरे परिवार बन गए हैं. न सिर्फ महिलाओं के परिवार बल्कि उनके बच्चों के बच्चों के भी परिवार बन गए हैं और इस तरह से मुरादाबाद में करीबन 500 पाकिस्तानी हो गए हैं.
500 हो गई पाकिस्तानियों की संख्या
जिन 22 महिलाओं की भारत में शादी हुई. वह तब से ही भारत में लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रही हैं. उनके 95 बच्चे हुए और सभी के अलग-अलग परिवार बन गए. ऐसे में मुरादाबाद में पाकिस्तानियों की संख्या 500 हो गई. अब पुलिस इन सभी की जांच कर रही है. एसपी रणविजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में मुरादाबाद की सभी थानों की टीमें निगरानी कर रही हैं और उनके डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है.
बच्चों के बच्चों के बन गए परिवार
जिन पाकिस्तानी महिलाओं के बच्चों के बच्चों के परिवार मुरादाबाद में रह रहे हैं. उन महिलाओं की शादी मुरादाबाद के रहने वाले पुरुषों से हुई और शादी के बाद से ही ये महिलाएं भारत में रह रही हैं, लेकिन अब इनके दस्तावेजों की जांच होने जा रही है. इनमें से ज्यादातर महिलाएं अब दादी बन गई हैं, जिनकी पोता-पोती और नाती-नातिन भी हैं और सभी की संख्या 500 के करीब है.
भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन
ये महिलाएं भले ही पाकिस्तानी हो, लेकिन इनके बच्चे जन्म से ही भारतीय हैं और उन्हें भारतीय नागरिकता मिली हुई है. जांच में सामने आया है कि इन पाकिस्तानी महिलाओं के पास भारत सरकार की ओर से जारी किए गए आधार कार्ड और राशन कार्ड भी हैं. इन महिलाओं ने भारतीय नागरिकता पाने के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन दशकों से भारत में रहने के बावजूद इन्हें नागरिकता नहीं मिली है.
पुलिस कर रही निगरानी
22 पाकिस्तानी महिलाओं में ज्यादातर दादी बन चुकी हैं. कुल मिलाकर इन परिवारों में अब लगभग 500 सदस्य हो गए हैं. दशकों पहले आई महिलाओं ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भले ही बरकरार रखी हो, लेकिन उनके बच्चों ने भारतीय नागरिकता हासिल कर ली है. हालांकि महिलाओं के पास भारत सरकार का जारी आधार कार्ड और राशन कार्ड भी है, लेकिन उसके बावजूद किसी ने भारतीय नागरिकता हासिल नहीं की है, लेकिन जानकारी मिल रही है कि सभी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है. हालांकि लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे. इन पाकिस्तानियों पर पुलिस की पैनी नजर है. अगर किसी के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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