महादेव की काशी में जाम की बरात, एक दिन में 212 शादियां
वाराणसी| शहर की सड़कें मंगलवार को शादियों के शोर और वाहनों के भारी दबाव के बीच बेबस नजर आईं। तेज लग्न के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और शहर से लेकर वरुणा पार तक के इलाके भीषण जाम की चपेट में रहे। जाम के कारण पुलिस के आला अधिकारियों को सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा, तब जाकर कुछ घंटों के लिए स्थिति सामान्य हो सकी। हालांकि, शाम होते ही बरात निकलने का सिलसिला शुरू हुआ और हर दूसरी सड़क पर गाड़ियों का लंबा रेला लग गया।शादियों के सीजन में ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बरात को रस्सी से बैरिकेड करने का आदेश दिया था। मंगलवार को यह आदेश धरातल पर फेल नजर आया। मैदागिन, मंडुवाडीह, ककरमत्ता, महमूरगंज, राजघाट,विशेश्वरगंज, कज्जाकपुरा, आशापुर, सारनाथ, कचहरी, पांडेयपुर, बीएलडब्ल्यू समेत कई रास्तों पर बरात के कारण ट्रैफिक का दम घुटता रहा। सामान्य दिनों में जो सफर 20 मिनट में तय होता था, उसे पूरा करने में लोगों को 1 से 1.25 घंटे का समय लगा। आलम यह था कि शहर की सड़कों के अलावा हाईवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।10 हजार बाहरी वाहनों ने बढ़ाई चुनौती जिले में एक दिन में करीब 212 छोटे-बड़े मैरिज लॉन में एक साथ शहनाइयां गूंजीं। इस दौरान शहर के स्थानीय वाहनों के अलावा करीब 10 हजार बाहरी जिलों की गाड़ियां भी वाराणसी में दाखिल हुईं। मैदागिन से राजघाट जाने वाले मार्ग पर मुकीमगंज के पास एक तरफ अतिक्रमण और दूसरी तरफ बरात ने मिलकर ऐसा जाल बुना कि लोग घंटों फंसे रहे। गोलगड्डा से कज्जाकपुरा मार्ग पर तेलियाना फाटक के पास तो स्थिति और भी खराब थी। वहां बरात के कारण महज 5 फीट का रास्ता शेष बचा था, जिसमें एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी 40 मिनट तक फंसे रहे। जब मुख्य सड़कों पर जाम लगा, तो कई दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों ने गलियों का रुख किया। लेकिन गाड़ियों के अत्यधिक दबाव के कारण शहर की सकरी गलियां भी जाम से अछूती नहीं रहीं। वहीं, भिखारीपुर में लॉन पर डीजे बजाने और सड़क पर वाहन लगाने के लिए प्राथमिकी लिखी गई।शहर में बरात की वजह से जाम का सामना करना पड़ा। जहां ज्यादा समस्या रही वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाकर यातायात सुचारू कराई गई।
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