भारत ने शुरू की रिजर्वायर फ्लशिंग, पाकिस्तान को झटका
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में दो जलविद्युत परियोजनाओं (hydroelectric projects) की पानी रोकने की क्षमता (reservoir holding capacity) बढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया है। यह फैसला पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने के बाद उठाया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
भारत ने शुरू की रिजर्वायर फ्लशिंग
सूत्रों के हवाले से बताया कि गुरुवार को भारत की सबसे बड़ी सरकारी जलविद्युत कंपनी NHPC Ltd और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने द्वारा “रिजर्वायर फ्लशिंग” (reservoir flushing) प्रक्रिया शुरू की गई। इसका उद्देश्य जलाशयों में जमा गाद (sediment) को हटाना है।हालांकि भारत के इस एक्शन से तुरंत पाकिस्तान की जल सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। लेकिन अगर अन्य परियोजनाएं भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाती हैं, तो इसका असर भविष्य में पड़ सकता है। क्षेत्र में ऐसी आधा दर्जन से ज्यादा परियोजनाएं मौजूद हैं।
सलाल-बगलिहार डैम पर पहली बार फ्लशिंग ऑपरेशन
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान को सलाल (Salal) और बगलिहार (Baglihar) डैम पर चल रहे काम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। रेजर्वॉयर फ्लशिंग इन दोनों डैम के निर्माण के बाद पहली बार किया जा रहा है। सलाल डैम 1987 में और बगलिहार डैम 2008/09 में बना था। पहले सिंधु जल संधि के प्रावधानों के चलते ऐसा काम करना संभव नहीं था।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्लशिंग ऑपरेशन 1 मई से शुरू होकर तीन दिन तक चला। एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह पहली बार है जब ऐसा किया गया है। इससे बिजली उत्पादन अधिक कुशलता से हो सकेगा और टरबाइनों को नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
सूत्र ने यह भी बताया, “हमें सफाई के लिए एडजस्टेबल गेट खोलने को भी कहा गया था, जो हमने 1 मई से शुरू कर दिया। इसका उद्देश्य बांध के ऑपरेशन को किसी भी तरह की पाबंदियों से मुक्त करना है।”
कश्मीर में चिनाब नदी के किनारे रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार से शनिवार तक सलाल और बगलिहार दोनों बांधों से पानी छोड़ा गया था।
पानी रोकने की कोशिश युद्ध माना जाएगा
यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर बनी थी और इसके तहत पाकिस्तान की 80% कृषि भूमि को जल आपूर्ति सुनिश्चित होती थी।
पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि के निलंबन को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है और हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। पाकिस्तान ने सख्त लहजे में कहा है, “अगर पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश की गई, तो इसे युद्ध की कार्यवाही माना जाएगा।”
करनाल जेल में हवालाती की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत
गूगल मैप के भरोसे पड़ा महंगा, गली में घुसा ट्रेलर, कई वाहन क्षतिग्रस्त
कुरुक्षेत्र के मीरी-पीरी विवाद पर हलचल तेज, Harjinder Singh Dhami शाहाबाद पहुंचे
IPL में क्यों चर्चा में हैं श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा?
मध्य प्रदेश: मोहन कैबिनेट बैठक आज, चना-मसूर की MSP पर हो सकती चर्चा
‘चांद मेरा दिल’ टीजर रिलीज, Lakshya बने जुनूनी आशिक, Ananya Panday दिखीं तड़पती
IPL में ‘किंग’ से मिले ‘प्रिंस ऑफ बंगाल’, Shah Rukh Khan और Sourav Ganguly की मुलाकात वायरल