फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते दिखेंगे डी कॉक
दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक अब एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए नजर आयेंगे। डी कॉक ने संन्यास से वापसी का फैसला किया है और ऐसे में उन्हें चयनकर्ताओं ने अक्टूबर और नवंबर में होने वाले पाकिस्तान दौरे के लिए टी-20 और एकदिवसीय टीम में शामिल किया है। इसके अलावा वह नामीबिया के साथ होने वाले एक टी20 मैच में भी शामिल किये गये हैं।
गौरतलब है कि डी कॉक ने साल 2023 के एकदिवसीय विश्व कप के बाद से ही 50 ओवर के क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। दक्षिण अफ्रीका की ओर से उन्होंने अंतिम सीमित ओवरों का मैच बारबाडोस में 2024 का टी-20 विश्व कप फाइनल खेला था। इसके बाद से ही वह सीपीएल सहित दुनिया भर की टी-20 लीगों में ही खेलते दिखे हैं। डी कॉक ने वापसी का फैसला मुख्य कोच शुकरी कॉनराड की सलाह पर किया है। कोच के अनुसार उन्होंने फिर से राष्ट्रीय टीम को सेवाएं देने की बात कही है। कॉनराड ने कहा, क्विंटन की सफेद गेंद वाली टीम में वापसी हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जब हमने पिछले महीने उनसे बात की थी, तो यह पता चला था कि उनमें अभी भी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा है। हर कोई जानता है कि उनके टीम में कितना लाभ होगा। वहीं अपने एकदिवसीय संन्यास के समय ही इस बल्लेबाज ने कहा था कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में होने वाले विश्व कप को देखते हुए वह जरुरत पड़ने पर वापसी कर सकते हैं।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश