क्रिकेट के ‘भगवान’ सचिन तेंदुलकर का आज जन्मदिन, फैंस में उत्साह
क्रिकेट के 'भगवान' का 53वां जन्मदिन: रिकॉर्ड्स के बादशाह सचिन तेंदुलकर की अविश्वसनीय यात्रा
भारतीय क्रिकेट के इतिहास को दो हिस्सों में बाँटा जा सकता है—सचिन तेंदुलकर के पदार्पण से पहले और उनके बाद। आज यानी 24 अप्रैल, 2026 को क्रिकेट जगत के सबसे चमकदार सितारे सचिन तेंदुलकर अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। भले ही मास्टर ब्लास्टर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी जब 'सचिन... सचिन' का शोर गूंजता है, तो वक्त जैसे थम जाता है।
दुनियाभर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। आइए, सचिन के उन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं जो आज भी वैश्विक क्रिकेट में एक अभेद्य दीवार की तरह खड़े हैं:
1. शतकों का महाशतक: एक असंभव सा कीर्तिमान
सचिन तेंदुलकर के करियर की सबसे बड़ी पहचान उनके 100 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 51 और वनडे में 49 शतक जड़े हैं।
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चुनौती: उनके बाद भारत के दिग्गज विराट कोहली (85 शतक) इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन सचिन के जादुई आंकड़े तक पहुँचने के लिए उन्हें अभी भी 15 शतकों की दरकार है।
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विरासत: रिकी पोंटिंग (71 शतक) और कुमार संगकारा जैसे दिग्गज भी इस आंकड़े के आस-पास नहीं पहुँच सके।
2. टेस्ट क्रिकेट के निर्विवाद सम्राट
सचिन ने खेल के सबसे शुद्ध और लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में जो मानक स्थापित किए हैं, वे अविश्वसनीय हैं:
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सर्वाधिक रन: सचिन ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए हैं। दुनिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज अब तक 14,000 रनों की दहलीज को भी पार नहीं कर सका है।
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मैचों का दोहरा शतक: 16 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले सचिन दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले हैं। उनके सबसे करीब इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन (188 टेस्ट) हैं, जो एक तेज गेंदबाज के तौर पर इस रिकॉर्ड के करीब पहुँचे हैं।
3. वनडे क्रिकेट में क्रांति और पहला दोहरा शतक
सचिन ने वनडे क्रिकेट खेलने के नजरिए को ही बदल दिया। उन्होंने अपने वनडे करियर में कुल 18,426 रन बनाए, जो आज भी एक विश्व रिकॉर्ड है।
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ऐतिहासिक लम्हा: 24 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में सचिन ने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक (200)* जड़कर यह साबित कर दिया था कि उम्र केवल एक आंकड़ा है।
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लंबा सफर: उन्होंने अपना पहला वनडे (1989) और आखिरी वनडे (2012) दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेले। उनके 463 वनडे मैचों का रिकॉर्ड आज भी अटूट है।
4. छह विश्व कप और 2011 का वो ऐतिहासिक सपना
सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा सपना भारत को विश्व विजेता बनाना था। उन्होंने अपने करियर में कुल छह वनडे विश्व कप (1992-2011) में हिस्सा लिया।
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विश्व कप रिकॉर्ड: वह पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के साथ सर्वाधिक विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी हैं।
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वानखेड़े का जादू: 2011 में जब भारत ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद ट्रॉफी जीती, तो वह दृश्य ऐतिहासिक था। सचिन को उनके साथियों ने कंधों पर उठाकर पूरे वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगवाया था। विराट कोहली ने तब कहा था, "तेंदुलकर ने 21 साल तक देश का बोझ उठाया है, अब समय है कि हम उन्हें अपने कंधों पर उठाएं।"
5. सम्मान और विदाई
16 नवंबर 2013 को जब सचिन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलकर संन्यास लिया, तो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की आँखें नम थीं। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से भी नवाजा गया है।
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