पहले ही प्रयास में NEET क्रैक! रामबाबू बनेंगे गांव के लिए प्रेरणा, शुरू करेंगे नई मिसाल
नीट यूजी 2025 का रिजल्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 14 जूून को घोषित किया गया था. एग्जाम में कई ऐसे कैंडिडेट सफल हुए हैं, जिन्होंने सफलता ही मिशाल पेश की है. उन्हीं में से एक हैं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के राजपुर खेड़ा गांव निवासी रामबाबू डांगी. उन्होंने इस बार अपने पहले प्रयास में नीट यूजी परीक्षा पास की है. उन्हें 720 में से 530 नंबर मिले हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में.
700 के आबादी वाले अपने गांव से रामबाबू ऐसे पहले व्यक्ति हैं, जो अब डाॅक्टर बनेंने. उनके पिता रतनलाल किसान हैं और मां भगवती बाई गृहणी हैं. वह अपने पिता के साथ खेतों में काम भी करते थे और साथ ही पढ़ाई भी कर करते थे. रामबाबू ने ओबीसी-एनसीएल (केंद्रीय सूची) श्रेणी में 10,816वीं रैंक हासिल की है. वह कोटा के एक निजी कोचिंग में नीट की तैयारी के लिए दाखिला लिखा था. उन्होंने मेहनत कर तैयारी की और 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ ही नीट काी भी तैयारी की. उनके मेहनत रंग लाई और उन्हें पहले प्रयास में नीट यूजी में रैंक हासिल की, जिससे उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने की संभावना मजबूत हो गई है. उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी की लहर है.
10 बीघा जमीन, पिता की उम्मीद और बेटे की मेहनत लाई रंग
किसान रतनलाल ने अपनी 10 बीघा जमीन के सहारे बेटे की पढ़ाई में कोई कम नहीं छोड़ी. रामबाबू ने भी अपनी जिम्मेदारी को समझा और मेहतन कर सफलता प्राप्त की. टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में रामबाबू ने बताया कि 10वीं में 86% अंक मिलने के बाद मैंने ठाना था कि मुझे मेडिकल में करियर बनाना है. हमारे गांव की आबादी सिर्फ 700 है और मैं रोजाना 25 किलोमीटर बस से स्कूल जाता था.
मैंने 11वीं के साथ ही कोटा में कोंचिंग में NEET UG की तैयारी शुरू की थी. मेरा लक्ष्य 650 अंक था, क्योंकि इसी रैंक पर सरकारी मेडिकल सीट मिलती है. इस बार पेपर काफी कठिन था, लेकिन मैंने पूरी मेहनत और फैकल्टी के गाइडेंस के साथ परीक्षा दी. 12वीं में मैंने 92% अंक हासिल किए और अब मैं अपने गांव का पहला MBBS डॉक्टर बनने जा रहा हूं.
NEET UG 2025 में कितने कैंडिडेट्स हुए सफल?
रामबाबू के मार्गदर्शक टीचर नितिन विजय ने कहा कि हमारे लिए यह केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की सोच, संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी है. जब समर्पण, संघर्ष और सच्चे मार्गदर्शन का संगम होता है, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता. नीट यूजी परीक्षा में कुल 12,36,531 छात्र सफल हुए हैं, जिसमें 5,64,611 ओबीसी, 1,68,873 एससी, 67,234 एसटी, 3,38,728 सामान्य और 97,085 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थी शामिल हैं.
पिता रतनलाल कहते हैं कि जब बेटे ने रिजल्ट बताया, तो हम खुशी से झूम उठे. पूरे गांव में मिठाई बांटी गई. रामबाबू की सफलता यह साबित करती है कि जुनून और मेहनत के आगे भौगोलिक सीमाएं कभी बाधा नहीं बनतीं. उसका सफर गांव के हर बच्चे को नई उम्मीद देगा.
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