चैत्र नवरात्रि का है विशेष महत्व
इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा चैत्र नवरात्रि 19 मार्च गुरुवार से होगी। इसी दिन हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का भी आरंभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इसी के साथ नौ दिवसीय देवी आराधना का शुभारंभ होता है।
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना को सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इसके लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ या लाल वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ कर मां दुर्गा की चौकी सजाएं। सबसे पहले एक मिट्टी के पात्र में साफ मिट्टी भरकर उसमें जौ बोएं और उसे माता की चौकी के पास रखें। इसके बाद तांबे या मिट्टी के कलश में शुद्ध जल भरें और उसमें गंगाजल, सुपारी, सिक्का, अक्षत और दूर्वा डालें। कलश के ऊपर आम के पांच या सात पत्ते रखें और एक नारियल को लाल कपड़े या चुनरी में लपेटकर मौली से बांधते हुए कलश पर स्थापित करें। कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाकर धूप-दीप जलाएं और मां दुर्गा का आह्वान करें। श्रद्धालु सामर्थ्य के अनुसार नौ दिनों तक अखंड ज्योति भी प्रज्वलित करते हैं।
नवरात्रि के आठवें दिन 26 मार्च को महाष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन किया जाएगा। श्रद्धालु नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अगले दिन 27 मार्च को राम नवमी के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन होगा।
शेयर बाजार में कमाई का मौका! इन 5 स्टॉक्स पर मोतीलाल ओसवाल ने जताया भरोसा
NEET विवाद पर नितिन नवीन का बड़ा बयान, बोले- विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर फूटा लोगों का गुस्सा, शताब्दीपुरम पुलिस छावनी में तब्दील
'ड्रग्स केस में फंसा दूंगा' कहने वाले पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, किया गया सस्पेंड
कैंची से घायल बच्चे की जान पर बनी आफत, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाया
स्कूल बस चालक की लापरवाही, बच्चों से भरी बस नदी में फंसी; मचा हड़कंप
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके
प्रकृति का अनमोल खजाना है नागालैंड, मानसून में इन 5 जगहों का नजारा नहीं भूलेंगे
दही से तैयार करें हेल्दी और टेस्टी स्नैक्स, जानिए आसान रेसिपीज़
बारिश बनी रेलवे के लिए आफत, पश्चिम रेलवे की कई ट्रेनें प्रभावित और रद्द