ड्राइवर जगजीत सिंह मर्डर केस में सरकार का बड़ा ऐलान, परिवार को 50 लाख और नौकरी
जालंधर रोडवेज के ड्राइवर जगजीत सिंह की हत्या मामले में सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।
गुरुवार को पूरे दिन जालंधर रोडवेज डिपो-1 में ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने जगजीत सिंह का शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया जब जगजीत का भाई बलविंदर सिंह भाई के किस्से सुनाते हुए फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने कहा कि जगजीत कहता था हम कभी अलग नहीं होंगे, लेकिन आज वो मुझे अकेला छोड़ गया।
ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर से आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार सुबह शव को अमृतसर जिले के रईयां गांव ले जाया गया, जहां पैतृक गांव टांगरी में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रोडवेज डिपो-1 के प्रधान विक्रमजीत सिंह ने बताया कि सरकार ने यूनियन की सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए आज से बसें फिर से चलाई जा रही हैं। जीएम मनिंदर सिंह ने कहा कि जगजीत की मौत ने पूरे विभाग को हिला दिया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने अपने स्तर पर पैसा एकत्रित कर परिवार की मदद शुरू कर दी है, ताकि सरकारी सहायता मिलने तक परिवार की जरूरतें पूरी की जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी मिलकर जगजीत के बच्चों की शिक्षा और खर्च अगले दो साल तक उठाएंगे। सरकार ने अब पत्नी को नौकरी देने की घोषणा कर दी है, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने तक रोडवेज कर्मचारी परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
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