आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इंडिया एआई समिट में कई योजनाएं घोषित
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की घोषणा की है. यह समिट 19-20 फरवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी. सरकार ने बताया कि यह सम्मेलन People, Planet और Progress की अवधारणा पर आधारित होगा और इसमें सात प्रमुख थीम (मानव पूंजी, समावेशन, सुरक्षित व भरोसेमंद एआई, नवाचार, विज्ञान, संसाधनों का लोकतांत्रिकरण और आर्थिक-सामाजिक विकास) पर मंथन होगा.
इस मौके पर समिट का लोगो भी लॉन्च किया गया, जिसमें अशोक चक्र और न्यूरल नेटवर्क को जोड़कर AI और भारतीय मूल्यों के संगम को दिखाया गया है.
सरकार ने शुरू की समिट से जुड़ी कई फ्लैगशिप पहल
UDAAN Global AI Pitch Fest : टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स के लिए मंच.
YuvaAI Innovation Challenge और AI by HER : युवाओं और महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए.
Global Innovation Challenge और Research Symposium : रिसर्च व नवाचार पर फोकस.
AI Expo : 300 से ज्यादा कंपनियां और 30 से अधिक देशों की भागीदारी.
8 बड़े इंडिजिनस AI मॉडल प्रोजेक्ट्स की घोषणा
इसके अलावा सरकार ने आठ बड़े इंडिजिनस एआई मॉडल प्रोजेक्ट्स की भी घोषणा की, जिनमें IIT बॉम्बे का भारत जेन, अवतार एआई, फ्रैक्टल एनालिटिक्स, टेक महिंद्रा मेकर्स लैब, ब्रहमएआई, जनलूप, इंटेलीहेल्थ और शोध एआई शामिल हैं. ये प्रोजेक्ट्स भारतीय भाषाओं, हेल्थकेयर, कृषि, विज्ञान और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों के लिए खास मॉडल तैयार करेंगे.
30 नए इंडिया-एआई डेटा और लैब्स भी शुरू
देशभर में 30 नए इंडिया-एआई डेटा एवं लैब्स भी शुरू किए जाएंगे, जिनमें से 27 NIELIT के सहयोग से टियर-2 और टियर-3 शहरों में खुलेंगे. वहीं, इंडिया एआई फेलोशिप प्रोग्राम के तहत अब 13,500 स्कॉलर्स को छात्रवृत्ति दी जाएगी. सरकार का दावा है कि यह समिट भारत को न सिर्फ वैश्विक स्तर पर AI में नेतृत्व की भूमिका देगा बल्कि Global South की आवाज को भी मजबूत करेगा.
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर