शहर की 40 दुकानों पर भी वितरण बाधित, तीन दिन में सिर्फ 5 हजार परिवारों को मिला अनाज
619 कर्मचारी और 253 सेल्समैन हड़ताल पर, 25 सितंबर तक जारी रहेगा आंदोलन
खंडवा। मध्य प्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर पैक्स कर्मचारी संघ सोमवार को कलमबंद हड़ताल पर चला गया। हड़ताल के चलते जिले की 447 पीडीएस दुकानों पर ताले लटक गए और करीब 10 लाख गरीबों को मिलने वाला 36 लाख क्विंटल राशन का वितरण बाधित हो गया।
शाम पांच बजे तक केवल 18 हजार गरीबों को ही राशन मिल पाया। शहर में सबसे अधिक 4,885 लोगों को वितरण हुआ, जबकि अधिकांश ग्रामीण इलाकों की दुकानें बंद रहीं। राशन लेने पहुंचे गरीबों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
विक्रेता तीन सूत्रीय मांगों पर अड़े
सुबह से ही दुकानों के विक्रेता लामबंद होकर कलेक्ट्रेट परिसर में टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। वे चुनाव आयोग और सरकार से जुड़ी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
वितरण व्यवस्था पर असर
रेलवे कर्मचारी उपभोक्ता भंडार में 600 कार्डधारी हैं, जिनमें से सिर्फ 20-30 को ही राशन मिला विक्रेताओं का कहना है कि पीओएस मशीनें खराब हैं और पेपर न निकलने से वितरण बाधित है। जिला आपूर्ति अधिकारी अरुण तिवारी ने कहा कि मंगलवार से वितरण सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में बदलाव
सितंबर से राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू हुई है। हर परिवार को अब 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल दिया जा रहा है। पीले कार्डधारियों को 30 किलो गेहूं, 5 किलो चावल और 1 किलो शक्कर मिलना है।इस बार गेहूं की मात्रा चार गुना बढ़ी, जबकि चावल घटकर एक चौथाई रह गया है। जिले में 2.5 लाख परिवारों के लिए 35.10 लाख क्विंटल गेहूं और 1.90 लाख क्विंटल चावल आवंटित हुआ है।
खाद वितरण पर भी असर
सोमवार को यूरिया की रैक आने के बावजूद सहकारी समितियों पर ताला जड़ा रहा। वितरण सिर्फ मार्कफेड (डबल लॉक व्यवस्था) से हुआ। जिले को 575 टन यूरिया का आवंटन मिला, जिसमें से 200 टन डबल लॉक, 100 टन सहकारी समितियों और 250 टन पैक्स संस्थाओं को दिया गया।
किसानों को भी झटका
सहकारी समितियों पर ताला लगने से किसानों को यूरिया और डीएपी लेने में परेशानी हुई। बड़गांवगुजर्र समिति पर ताला होने से किसान बैरंग लौटे।
आगे की रणनीति
हड़ताल 25 सितंबर तक जारी रहेगी। इसके बाद भी मांगें पूरी न होने पर 26 सितंबर को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की चेतावनी दी गई है।
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