पंचायत-निकाय चुनाव की बिगुल, डेढ़ लाख दावेदार मैदान में उतरने को तैयार
जयपुर। राजस्थान में लोकतंत्र का सबसे बड़ा जमीनी महापर्व शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए विस्तृत कार्यक्रम तय कर दिया है। करीब 1.54 लाख निर्वाचित पदों पर होने वाले इन चुनावों में लाखों दावेदार अपनी किस्मत आजमाएंगे। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तय हुए कार्यक्रम के मुताबिक निकाय चुनाव की प्रक्रिया 17 अगस्त से और पंचायत चुनाव 23 सितंबर से शुरू होंगे, जबकि पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। इस महाअभियान में प्रदेश के करीब 5.46 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख और ओबीसी आयोग को अंतिम मोहलत
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि पंचायत और निकाय चुनाव पहले ही काफी विलंबित हो चुके हैं, इसलिए अब राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी कारण से चुनावी कार्यक्रम में देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने ओबीसी आयोग के सचिव को 5 अगस्त तक राजनीतिक आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट हर हाल में पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
दो चरणों में निकाय चुनाव और अप्रत्यक्ष महापौर निर्वाचन
नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा 17 अगस्त को होगी और 22 अगस्त को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन 27 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि 31 अगस्त को नाम वापसी की अंतिम तिथि होगी। पहले चरण का मतदान 6 सितंबर और दूसरे चरण का 9 सितंबर को होगा, वहीं मतगणना 11 सितंबर को कराई जाएगी। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए 19 सितंबर को मतदान और 20 सितंबर को उपाध्यक्ष का निर्वाचन होगा। इन चुनावों में जनता सीधे पार्षदों का चुनाव करेगी, जबकि महापौर, सभापति और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा।
चार चरणों में पंचायतीराज चुनाव का पूरा कार्यक्रम
पंचायत चुनावों की घोषणा 23 सितंबर को होगी और अधिसूचना 28 सितंबर को जारी की जाएगी। प्रत्याशी 1 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे और 5 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। पंचायतीराज के चार चरणों का मतदान क्रमश: 12 अक्टूबर, 23 अक्टूबर, 28 अक्टूबर और 2 नवंबर को प्रस्तावित है। जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव 13, 23, 29 अक्टूबर और 3 नवंबर को होगा, जबकि पंच-सरपंच के चुनाव 14, 24, 30 अक्टूबर और 4 नवंबर को संपन्न होंगे। इसमें मतदाता सीधे वार्ड पंच, सरपंच और समिति सदस्यों को चुनेंगे।
चुनावी आंकड़े और सुरक्षा की प्रशासनिक तैयारी
प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों, 41 जिला परिषदों और 300 से अधिक नगर निकायों में यह चुनाव लंबे समय से लंबित थे। दो चरणों के निकाय चुनाव में 10,245 वार्डों के 16,482 मतदान केंद्रों पर 1.43 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालेंगे, जिसके लिए प्रति चरण 60 हजार कर्मचारियों और 50 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। वहीं चार चरणों के पंचायत चुनाव में 45,316 केंद्रों पर 4.02 करोड़ से ज्यादा मतदाता मतदान करेंगे, जहां हर चरण में 80 हजार सरकारी कर्मचारियों और 70 हजार पुलिस जवानों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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