तालाब में डूबने से दो सहेलियों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
सारण (बिहार):बिहार के सारण जिले में दोस्ती की एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे और गम में डुबो दिया है। अमनौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमनौर कल्याण पंचायत के नरसिंहभानपुर गांव में बुधवार की शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ के एक स्थानीय तालाब में डूबने से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सहेलियों की मौत हो गई। इन दोनों बच्चियों की दोस्ती पूरे गांव में एक मिसाल के तौर पर देखी जाती थी। साथ में पढ़ाई करना, साथ में स्कूल जाना और हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने वाली इन दोनों सहेलियों ने जिंदगी का आखिरी सफर भी एक साथ ही तय किया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अटूट दोस्ती और स्कूल न जाने का फैसला
मृत छात्राओं की पहचान नरसिंहभानपुर मध्य विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्राओं के रूप में हुई है, जिनमें एक दशरथ प्रसाद की बेटी आंचल कुमारी और दूसरी दिनेश प्रसाद की बेटी खुशबू कुमारी थी। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बेहद करीब थीं। घटना के दिन गांव के एक पड़ोसी के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए दोनों छात्राओं के माता-पिता मशरक गए हुए थे। माता-पिता के घर पर न होने के कारण आंचल उस दिन स्कूल नहीं गई थी। जब खुशबू को पता चला कि उसकी सबसे अच्छी दोस्त स्कूल नहीं जा रही है, तो उसने भी अपना फैसला बदल दिया और घर पर ही रुक गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों की आपसी समझ इतनी पक्की थी कि अगर एक कदम पीछे खींचती, तो दूसरी भी उसका साथ निभाती थी।
खेल-खेल में हुआ दर्दनाक हादसा
दोपहर के समय आंचल अपनी दादी से कुछ खाने के सामान के लिए 10 रुपये लेकर घर से निकली थी। इसी दौरान आंचल की बड़ी बहन हंसा गांव के शिव मंदिर के पास स्थित तालाब में नहाने गई थी, जहाँ आंचल और खुशबू भी उसके साथ पहुंच गईं। कुछ देर तक तीनों साथ में नहाती रहीं, जिसके बाद हंसा तालाब से बाहर आ गई। इसी बीच नहाते-नहाते आंचल और खुशबू का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की तरफ चली गईं। दोनों बच्चियों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं पाईं और डूबने लगीं।
बचाने की नाकाम कोशिश और ग्रामीणों का रेस्क्यू
किनारे पर खड़ी हंसा ने जब अपनी बहन और उसकी सहेली को डूबते देखा, तो उसने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पास पड़ी एक रस्सी उनकी तरफ फेंकी। हालांकि, रस्सी छोटी होने के कारण बच्चियों के हाथों तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद हंसा चिल्लाते हुए दौड़कर गांव की तरफ भागी और ग्रामीणों को आवाज दी। चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले स्थानीय वार्ड सदस्य रवि कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को भांपते हुए तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। उनके पीछे-पीछे अन्य ग्रामीण भी पानी में उतरे। काफी खोजबीन और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
परिजनों का विलाप और प्रशासनिक कार्रवाई
जैसे ही इस हादसे की खबर शादी समारोह में गए माता-पिता को मिली, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। खुशी का माहौल पल भर में मातम में बदल गया और घर लौटते ही माता-पिता अपनी बेटियों के शवों से लिपटकर चीख पड़े। दोनों बच्चियों के पिता पेशे से राजमिस्त्री हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले ही शिव मंदिर के यज्ञ के दौरान इस तालाब को गहरा कर साफ किया गया था और बारिश से पहले इसमें पंपसेट से पानी भरा गया था, जिससे यह पूरी तरह लबालब था। घटना की जानकारी मिलते ही अमनौर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा और सीओ अजय कुमार सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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