खाटूश्यामजी (सीकर)। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री खाटूश्यामजी मंदिर में निर्जला एकादशी के दो दिवसीय लक्खी मेले का आगाज होते ही पूरी श्याम नगरी 'बाबा श्याम' के जयकारों से गूंज उठी है। बुधवार रात से ही देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की किलोमीटर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों भक्तों के खाटूधाम पहुंचने की संभावना है। इस पावन अवसर पर बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार किया गया है, जिसके लिए दिल्ली और कोलकाता से विशेष रंग-बिरंगे फूल और ड्राई फ्रूट्स मंगाए गए हैं, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: रींगस-खाटू मार्ग पर वाहनों की एंट्री बंद, 250 से अधिक जवान तैनात

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन और श्याम मंदिर कमेटी ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के निर्देशानुसार, रींगस से खाटू तक के पूरे मार्ग को अगले तीन दिनों के लिए 'नो-व्हीकल जोन' घोषित कर दिया गया है। मेले की सुरक्षा में आरएसी (RAC), होमगार्ड और सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों सहित 250 से अधिक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए मंढा-खाटू मार्ग को वन-वे किया गया है और छोटी गाड़ियों के लिए 52 बीघा पार्किंग स्थल पर विशेष व्यवस्था की गई है।

24 घंटे एक्टिव रहेंगी आपातकालीन सेवाएं, रेलवे ने भी चलाईं स्पेशल ट्रेनें

प्रशासन ने भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए चिकित्सा, निर्बाध बिजली, शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई से जुड़ी आवश्यक सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है। वहीं, रेल यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भी विशेष राहत दी है। रींगस-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेन के फेरों की अवधि बढ़ा दी गई है, साथ ही भिवानी-दोहर बालाजी-भिवानी स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है। रींगस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल मुस्तैद किए गए हैं।

हाथों में निशान और होठों पर जयकारे; पैदल यात्रियों से अटा रींगस मार्ग

मेले के दौरान रींगस से खाटूधाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। कड़कती धूप की परवाह किए बिना हजारों श्रद्धालु हाथों में बाबा श्याम का पवित्र 'निशान' (ध्वज) थामे नाचते-गाते पदयात्रा कर रहे हैं। भजनों की धुनों और 'हारे के सहारे की जय' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। मंदिर प्रशासन ने दावा किया है कि सुगम और सुरक्षित दर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।