लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जमीन के एक पुराने झगड़े में बीच-बचाव करने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग की पीट-पीटकर और गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त गांव के पूर्व सरपंच के भाई सविंदर सिंह उर्फ बिंदर के रूप में हुई है। इस खौफनाक वारदात के बाद थाना डेहलों की पुलिस ने हत्या सहित कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया गया है।

दो पक्षों में समझौता कराने पहुंचे थे सविंदर सिंह

मृतक की पत्नी परमजीत कौर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 23 जून की है। गांव में जमीन के एक हिस्से को लेकर दो पक्षों में पुराना विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में सविंदर सिंह अपने जानकार केवल सिंह और उनके बेटे गोलू के साथ मौके पर गए थे। वहां केवल सिंह का उनके सगे भाई मेघ सिंह और उसके परिवार के साथ झगड़ा हो रहा था। सविंदर सिंह बेहद शांति से दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला रफा-दफा कराने की कोशिश कर रहे थे।

समझाने के दौरान घातक हथियारों से हमला

परमजीत कौर का आरोप है कि जब उनके पति सविंदर सिंह विवाद को शांत कराने की कोशिश में जुटे थे, तभी अचानक मेघ सिंह, उसके बेटे गोलू, गोपी पंडित के बेटे और करीब चार अन्य अज्ञात हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया। इन लोगों ने जान से मारने के इरादे से घातक हथियारों का इस्तेमाल किया। हमले के दौरान बुजुर्ग सविंदर सिंह को बेरहमी से उठाकर जमीन पर भी पटका गया, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

बीच-बचाव के बीच चली गोली, आरोपी फरार

दर्ज कराई गई शिकायत में आगे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि इस पूरे बवाल के दौरान वहां मौजूद गोपी नामक व्यक्ति ने अचानक अपनी बंदूक निकाल ली और सविंदर सिंह पर सीधे गोली दाग दी। गोली लगते ही बुजुर्ग लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सभी हमलावर मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे।

बीएनएस के तहत केस दर्ज, आरोपियों की तलाश तेज

घटना की जानकारी मिलते ही थाना डेहलों की पुलिस टीम और आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने नियंत्रण में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

इस एफआईआर (FIR) में मेघ सिंह, गोलू, गोपी पंडित के बेटे और चार अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। मामले की मुख्य कमान सब-इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को सौंपी गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सभी दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।