सूरजगढ़ की बेटी अरशाया का बड़ा मुकाम, इटली फुटबॉल टीम की बनीं कप्तान
झुंझुनूं। राजस्थान के शेखावाटी अंचल की एक और होनहार बेटी ने खेल की दुनिया में वैश्विक पटल पर अपना और अपने क्षेत्र का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया है। झुंझुनूं जिले के अंतर्गत आने वाले सूरजगढ़ की मूल निवासी और मंड्रेला की भांजी अरशाया शर्मा को प्रतिष्ठित 'यूनाइटेड वर्ल्ड गेम्स फुटबॉल प्रतियोगिता' के लिए इटली की अंडर-13 राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की कमान सौंपी गई है। अरशाया को टीम का कप्तान बनाए जाने की इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद से ही उनके पैतृक गांव और ननिहाल सहित पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी और ऑस्ट्रिया के खिलाफ पहला मुकाबला
इटली की धरती पर आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट में अरशाया शर्मा शनिवार को बतौर कप्तान अपनी टीम की अगुवाई करते हुए ऑस्ट्रिया के विरुद्ध होने वाले कड़े मुकाबले में मैदान पर उतरेंगी। इतनी छोटी उम्र में एक विदेशी और मजबूत फुटबॉल टीम का नेतृत्व मिलना अरशाया की असाधारण खेल प्रतिभा, अद्वितीय मैदान सूझबूझ, कड़े अनुशासन और उनकी बरसों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल माना जा रहा है, जिससे भारत की बेटी का मान सात समंदर पार बढ़ा है।
ननिहाल व पैतृक क्षेत्र में जश्न और परिजनों में गर्व की अनुभूति
जैसे ही अरशाया को कप्तान चुने जाने की सूचना उनके ननिहाल मंड्रेला और पैतृक कस्बे सूरजगढ़ पहुंची, वैसे ही ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ मिठाइयां बांटकर इस कामयाबी का जश्न मनाया। इस स्वर्णिम अवसर पर उनके नाना डॉ. बी.के. शर्मा, मामा दीपक भारद्वाज और आकाश भारद्वाज सहित पूरे परिवार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह न केवल उनके कुल के लिए बल्कि समूचे राजस्थान के लिए एक गौरवमयी क्षण है। सभी शुभचिंतकों ने दूरभाष के माध्यम से अरशाया को आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
बचपन का अटूट लगाव और ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई प्रेरणा
इस बड़ी उपलब्धि पर स्वयं अरशाया शर्मा ने सुदूर इटली से संवाद करते हुए बताया कि अंडर-13 टीम का नेतृत्व करना उनके जीवन का अब तक का सबसे सुखद और अविस्मरणीय अनुभव है। फुटबॉल के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था, जिसे उन्होंने नियमित अभ्यास के दम पर आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। स्थानीय खेल समीक्षकों का मानना है कि अरशाया की यह अंतरराष्ट्रीय सफलता ग्रामीण अंचल की उन हजारों बेटियों के लिए एक महान प्रेरणा का स्रोत बनेगी जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के मैदान में अपना भविष्य तलाश रही हैं, जिससे लड़कियों के भीतर एक नया आत्मविश्वास जागृत होगा।
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