आखिरी वक्त में बदला खेल, शिंदे के एक फोन ने महायुती की राह आसान की
जलगांव। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय कोटे की विधान परिषद सीट पर चुनाव के ठीक पहले एक अभूतपूर्व और बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मतदान प्रक्रिया शुरू होने से महज कुछ ही घंटे पूर्व इस सीट से डटे निर्दलीय प्रत्याशी अनिल चौधरी ने अचानक चुनावी रण से हटने और अपना नाम वापस लेने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उनके इस अप्रत्याशित कदम से राज्य की राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। अनिल चौधरी के इस तरह मैदान छोड़ने के बाद अब इस सीट से सत्ताधारी महायुति गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार नंदकिशोर महाजन की एकतरफा जीत पूरी तरह से तय मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आह्वान पर पीछे हटने का निर्णय
चुनावी समर से हटने की वजहों का खुलासा करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार अनिल चौधरी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उठाया है। उन्होंने बताया कि फैसले से ठीक पहले उनकी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू के साथ एक विशेष बैठक हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री का स्वयं उनके पास फोन आया। अनिल चौधरी के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व ने उनसे गठबंधन धर्म की मर्यादा बनाए रखने और महायुति प्रत्याशी नंदकिशोर महाजन के साथ पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए नाम वापस लेने का विशेष आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने मैदान छोड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वे और उनके समर्थक जल्द ही आधिकारिक तौर पर शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो जाएंगे।
वरिष्ठ नेता से आशीर्वाद न मिलने की टीस और अपनों की बेरुखी
नाम वापसी के बाद अनिल चौधरी के बयानों में अपनों की बेरुखी का दर्द भी साफ तौर पर छलक कर सामने आया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय से उनके बेहद करीबी रहे हैं और उन्हें हमेशा अपने बड़े भाई की तरह मानते आए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि इस चुनाव में गिरीश महाजन ने एक बड़े भाई और राजनीतिक संरक्षक के तौर पर उन्हें अपना पूरा आशीर्वाद दिया होता, तो आज वे निश्चित रूप से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) बनकर सदन में पहुंच चुके होते, परंतु ऐसा न होने के कारण और गठबंधन के व्यापक हितों को देखते हुए उन्हें शीर्ष नेताओं की बात मानकर पीछे हटना पड़ा।
महाराष्ट्र की 11 सीटों पर मतदान का गणित और निर्विरोध निर्वाचित चेहरे
इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 महत्वपूर्ण सीटों पर गुरुवार को मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रही, जिनमें जलगांव के अलावा सोलापुर, सांगली-सतारा, नांदेड़, नागपुर, भंडारा-गोंडिया, नासिक, अमरावती, धाराशिव-लातूर-बीड, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर-जालना शामिल हैं। गौरतलब है कि इस चुनावी प्रक्रिया के दौरान राज्य की 6 सीटों पर विभिन्न दलों के आपसी समीकरणों के चलते महायुति गठबंधन के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं। इन निर्विरोध विजेताओं में ठाणे से शिवसेना के रवींद्र फाटक, यवतमाल से शिवसेना के दुष्यंत चतुर्वेदी, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से राकांपा (NCP) के अनिकेत तटकरे, पुणे से राकांपा के विक्रम काकडे, वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर से भाजपा के अरुण लखानी और अहिल्यानगर से भाजपा की प्राजक्ता तनपुरे शामिल हैं।
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