डेढ़ साल तक बंधक: तीन युवकों के चंगुल में फंसी रही महिला
किशनगढ़। राजस्थान के किशनगढ़ क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी आबरू लुटने और लगातार प्रताड़ित होने की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान पुलिस के सामने बयां की है। पीड़िता के साथ न सिर्फ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, बल्कि अश्लील वीडियो बनाकर उसे लंबे समय तक ब्लैकमेल भी किया गया। शिकायत के अनुसार, इस पूरे घिनौने खेल की शुरुआत करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी, जब पड़ोस में रहने वाला एक युवक महिला को बहला-फुसलाकर बजरंग कॉलोनी स्थित एक सुनसान मकान में ले गया और वहां उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस पूरी वारदात का गुप्त वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वह उस क्लिप को सोशल मीडिया पर वायरल करने और पति समेत पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर महिला को लगातार अपनी हवस का शिकार बनाता रहा।
पहचान छुपाकर किया दुष्कर्म और बनाया निकाह का दबाव
कुछ समय बाद मुख्य आरोपी पीड़िता को अपने एक अन्य साथी के पास ले गया, जिसने शुरुआत में महिला को अपना नाम रमेश बताया था, परंतु बाद में उसकी असल पहचान शाहरुख के रूप में सामने आई। महिला का आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर उसके साथ कई बार सामूहिक अनाचार किया और नए अश्लील वीडियो तैयार कर लिए। इस घिनौने कृत्य और धमकियों के कारण पीड़िता गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई। प्रताड़ना का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, आरोपी शाहरुख ने महिला पर जबरन मजहब बदलने और निकाह करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। वह पीड़िता को लेकर अजमेर के एक मौलवी के पास भी गया ताकि उसका जबरन धर्मांतरण कराया जा सके, लेकिन मौलवी ने इस अवैध कृत्य में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बावजूद आरोपियों का हौसला कम नहीं हुआ और उन्होंने इसी साल होली के बाद शराब के नशे में महिला के किराए के घर में घुसकर चाकू की नोक पर उसके साथ मारपीट की।
होटलों में बंधक बनाकर किया अप्राकृतिक कृत्य
वारदात के अगले चरण में आरोपी महिला को जबरन एक कार में डालकर पुनः अजमेर ले गए, जहां इमरान नामक एक तीसरे शख्स ने भी उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। इमरान महिला को अलग-अलग शहरों और होटलों के कमरों में बुलाकर लगातार प्रताड़ित करता रहा। प्रताड़ना की पराकाष्ठा तब पार हो गई जब बीते 13 जून को भी आरोपियों ने महिला को डरा-धमकाकर एक अज्ञात स्थान पर बुलाया और वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने के साथ-साथ गंभीर अप्राकृतिक कृत्य को अंजाम दिया। लगातार मिल रही शारीरिक और मानसिक यातनाओं से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और कानून की शरण में पहुंचकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई।
भारतीय न्याय संहिता और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर थाना पुलिस ने पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) और 64(2)(एम) सहित अन्य संगीन व प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि जांच के दौरान पीड़िता द्वारा अनुसूचित जाति या जनजाति से जुड़े वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, तो मामले में एससी-एसटी एक्ट की विशेष धाराएं भी जोड़ दी जाएंगी। शहर के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ सिटी) आईपीएस अजय सिंह राठौड़ ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। नियमानुसार पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल इग्जामिनेशन) कराया जा रहा है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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