आय में हिस्सेदारी को लेकर विवाद, ग्रंथी की मौत के बाद छह लोगों पर कार्रवाई
होशियारपुर। पंजाब के माहिलपुर इलाके के एक गांव से बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां धार्मिक आयोजनों से होने वाली कमाई के विवाद में 28 वर्षीय ग्रंथी जसपाल सिंह ने कथित तौर पर जहरीली चीज खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों पर खुदकुशी के लिए मजबूर करने समेत कानून की कई अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है।
धार्मिक आय में हिस्सेदारी को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मृतक के पिता जगदीश सिंह, जो खुद भी एक गुरुद्वारे में ग्रंथी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ने पुलिस प्रशासन को आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा जसपाल सिंह आसपास के विभिन्न गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ और सहज पाठ करने का कार्य करता था। लगभग छह महीने पहले ही उनका पूरा परिवार माहिलपुर क्षेत्र के एक गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यों के लिए आया था। बीते 9 जून को इलाके के कुछ लोग जसपाल के पास आए और उन्होंने क्षेत्र में होने वाले धार्मिक पाठों से मिलने वाली दक्षिणा और आय में जबरन अपना हिस्सा मांगना शुरू कर दिया।
मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक रूप से अपमानित करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, जब ग्रंथी जसपाल सिंह ने उनकी इस नाजायज मांग को मानने से साफ मना कर दिया, तो आरोपियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने उस पर धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने का झूठा आरोप मढ़ा और समाज में उसे बुरी तरह बेइज्जत किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने जसपाल को भविष्य में इसके गंभीर नतीजे भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। इस अप्रत्याशित अपमान और लगातार मिल रही धमकियों के कारण जसपाल गहरे मानसिक तनाव में चला गया और इसी अवसाद के चलते 12 जून की शाम उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस ने दर्ज किया केस और छह आरोपी गिरफ्तार
बेटे की मौत के बाद पिता जगदीश सिंह ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने पीड़ित पिता के बयानों को आधार बनाकर छह नामजद आरोपियों को धरदबोचा है, जबकि इस साजिश में शामिल कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। कानूनविदों के अनुसार, पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने (अबेटमेंट टू सुसाइड) की धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े हर पहलू की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव