दिल्ली में शराब कारोबार को सुरक्षा कवच, 182 दुकानों की नकदी और स्टॉक का होगा बीमा
नई दिल्ली। देश की राजधानी में संचालित सरकारी मदिरा दुकानों में रखे जाने वाले माल, बिक्री की राशि और अन्य साजो-सामान को वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएससीएससी) ने अपनी सभी 182 मदिरा दुकानों के लिए एक व्यापक इंश्योरेंस प्लान तैयार किया है। इस विशेष योजना के तहत लगभग 115 करोड़ रुपये की मदिरा, 60 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और दुकानों में लगे तमाम उपकरणों को चोरी, आगजनी व अन्य आकस्मिक हादसों से सुरक्षित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी बीमा कंपनियों को ही सौंपी जाएगी।
करोड़ों के मदिरा स्टॉक और नकदी को मिलेगी सुरक्षा
सरकारी निगम के नियंत्रण वाली इन 182 दुकानों में हर समय भारी मात्रा में कीमती मदिरा का स्टॉक उपलब्ध रहता है। नए प्रावधानों के अनुसार, दुकानों में मौजूद करीब 114.89 करोड़ रुपये की कीमत के इस स्टॉक को पूरी तरह बीमा के दायरे में लाया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना में होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। इसके साथ ही दुकानों के लॉकर और कैश काउंटर में रखी रहने वाली रकम को भी इस सुरक्षा चक्र में शामिल किया गया है, जिसके तहत तिजोरियों में सुरक्षित रहने वाले 58.02 करोड़ रुपये और काउंटरों पर मौजूद 2.02 करोड़ रुपये समेत कुल 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को सुरक्षित किया जाएगा।
दुकानों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर का भी इंश्योरेंस
इस सुरक्षा योजना का दायरा केवल स्टॉक और कैश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुकानों के भीतर मौजूद बुनियादी ढांचे को भी इसमें कवर किया गया है। मदिरा को ठंडा रखने वाले चिलर, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर (एसी), कंप्यूटर सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, इन्वर्टर और फर्नीचर सहित कुल 8.37 करोड़ रुपये मूल्य की अन्य संपत्तियों का भी बीमा कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी दुकान में कोई शॉर्ट सर्किट या अन्य दुर्घटना होती है, तो सरकारी संपत्ति को होने वाले नुकसान का बोझ सीधे विभाग पर न पड़े।
सिर्फ सरकारी बीमा कंपनियों को ही मिलेगा टेंडर
दिल्ली सरकार के इस फैसले में निजी क्षेत्र की कंपनियों को पूरी तरह से दूर रखा गया है। डीएससीएससी ने अपने नियमों में यह साफ कर दिया है कि इस निविदा प्रक्रिया (टेंडर) में केवल वही बीमा कंपनियां भाग ले सकती हैं जो पूरी तरह सरकारी स्वामित्व वाली हैं। इस योजना के लिए इच्छुक सरकारी कंपनियां आगामी 25 जून तक अपनी बोलियां विभाग के पास जमा करा सकती हैं। इस कड़े सुरक्षा प्रबंध के लागू होने के बाद दिल्ली की सरकारी मदिरा दुकानों में होने वाले किसी भी तरह के आर्थिक या भौतिक नुकसान का जोखिम बेहद कम हो जाएगा।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग