प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक आयोजित
जयपुर। राजस्थान में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक (ई) बसों का संचालन किया जाना है। इस योजना को सुचारु रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय संचालन समिति की दूसरी अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में बसों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण और विभागों के आपसी तालमेल पर विस्तार से चर्चा हुई।
शहरों के हिसाब से आवंटित की गईं बसें
योजना के तहत राजस्थान के अलग-अलग शहरों की जरूरत के मुताबिक 1150 ई-बसों का आवंटन कर दिया गया है। इन बसों का सफल ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है। शहरों के अनुसार बसों का वितरण इस प्रकार है:
-
जयपुर: 450 ई-बसें
-
जोधपुर और बीकानेर: 125-125 ई-बसें
-
अजमेर, अलवर और कोटा: 100-100 ई-बसें
-
उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा: 50-50 ई-बसें
इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग स्टेशनों का काम तेज
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान विभिन्न शहरों में ई-बसों के लिए डिपो निर्माण, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना और 'बिहाइंड द मीटर पावर इंफ्रास्ट्रक्चर' (बिजली व्यवस्था) से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आदेश दिए कि योजना से जुड़े जितने भी काम हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही बसों के संचालन को देखते हुए वर्तमान में मौजूद बस डिपो के नवीनीकरण और उन्हें अपग्रेड करने के प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट के लिए सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
इस उच्च स्तरीय बैठक में परिवहन, वित्त, स्वायत्त शासन, ऊर्जा विभाग और जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में ई-बसों के विस्तार के लिए लगातार काम चल रहा है, वहीं स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव श्री रवि जैन ने भी योजना को पूरी तरह प्रभावी बनाने का भरोसा दिया। मुख्य सचिव ने अंत में निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि राज्य के शहरी इलाकों में जनता को एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सके।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की ओर छत्तीसगढ़
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होमेश्वर प्रसाद जायसवाल को मिली राहत, शून्य हुआ बिजली बिल
बिलासपुर संभागायुक्त ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
युवाओं के लिए मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में प्रारंभ होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सृष्टि को घर के बिजली बिल में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव