चंडीगढ़: पंजाब के मौसम में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, 10 मई से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ  सक्रिय होने वाला है, जिससे आने वाले दिनों में सुनहरे आसमान की जगह धूल भरी आंधी और बादलों की गर्जना ले सकती है। इस प्रणाली के प्रभाव से पंजाब के विभिन्न हिस्सों में तीन दिनों तक मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहने की संभावना है, जिसके दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

आगामी विक्षोभ और संभावित मौसमी बदलाव 

पंजाब में सक्रिय होने जा रहा नया पश्चिमी विक्षोभ अपने साथ करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली तूफानी हवाएं लेकर आ सकता है। हालांकि, इस विक्षोभ के आने से पहले अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा, लेकिन कुछ चुनिंदा जिलों जैसे बठिंडा, मुक्तसर और मानसा में स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि विक्षोभ के असर से पहले दिन के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक का उछाल आ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी का तीखा अहसास होगा।

तापमान के मौजूदा आंकड़े और क्षेत्रीय स्थिति 

बीते बुधवार को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में खिली धूप के कारण अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो अब भी सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बनी हुई है। बठिंडा जिला 37.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि पठानकोट में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो इसे सबसे ठंडा क्षेत्र बनाता है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान धीरे-धीरे ऊपर की ओर जा रहा है, जिससे रातों की ठंडक कम हो रही है और दिन के समय शुष्क गर्मी का प्रभाव बढ़ रहा है।

प्रमुख शहरों का पारा और भविष्य की चेतावनी 

पंजाब के विभिन्न जिलों में तापमान का वितरण फिलहाल काफी विविधतापूर्ण है, जहां होशियारपुर में पारा 32.1 डिग्री के आसपास है, वहीं पटियाला में यह 36 डिग्री के पार पहुंच चुका है। न्यूनतम तापमान के मामले में भी फिरोजपुर और फरीदकोट जैसे शहर 21 डिग्री से ऊपर बने हुए हैं, जो बदलते मौसम के शुरुआती संकेत दे रहे हैं। प्रशासन ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे 10 मई के बाद होने वाली संभावित तेज हवाओं और बारिश को ध्यान में रखकर अपनी योजनाएं बनाएं, क्योंकि अचानक आने वाले इस बदलाव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।