सुबह-सुबह भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले
गुजरात। दक्षिण गुजरात के नवसारी जिले में गुरुवार (2 अप्रैल) सुबह 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसकी जानकारी भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने दी. गांधीनगर स्थित इस संस्थान ने बताया कि भूकंप सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर आया और इसका केंद्र वांसदा से 22 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था।
पिछले 200 साल में आ चुके 9 बड़े भूकंप
स्थानीय अधिकारियों ने भी बताया कि भूकंप से संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी के हताहत होने की कोई खबर है. गुजरात भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 200 सालों में यहां नौ बड़े भूकंप आ चुके हैं।
जीएसडीएमए के अनुसार, 2001 का कच्छ भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत में आया तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था. गुजरात के कच्छ जिले के भाचाऊ के पास 26 जनवरी 2001 को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे राज्य को प्रभावित किया था. इस भूकंप में 13,800 लोगों की जान गई थी और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
त्रासदी के बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन को किया था मजबूत
इस हादसे में लाखों घर पूरी तरह से तबाह हो गए थे. वहीं भुज, भाचाऊ, अंजार और गांधीधाम जैसे शहरों में भारी तबाही देखने को मिली, जहां कई इलाकों में 70 से 90 प्रतिशत तक इमारतें गिर गई थीं. नुकसान इतना ज्यादा इसलिए हुआ क्योंकि भूकंप का केंद्र जमीन के काफी करीब था. इस त्रासदी के बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत किया और गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसी संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए भूकंपरोधी निर्माण नियमों को सख्ती से लागू किया, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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