55 करोड़ में बायो-माइनिंग तकनीक से हटेगा कचरा
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देश के बाद अब आदमपुर खंती कचरा निपटान पर परिषद बैठक में होगा फैसला
भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन आदमपुर खंती में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निपटान को लेकर तेजी दिखा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस परियोजना की राह अब भी आसान नहीं दिख रही। जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद महापौर परिषद (एमआइसी) भी इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद सतर्क हो गई है। यही कारण है कि कचरा निपटान के प्रस्ताव को एमआइसी बैठक में मंजूरी नहीं मिली और अब इसे परिषद की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा गया है।
नगर निगम की बजट सत्र की अहम बैठक 23 मार्च को आइएसबीटी स्थित परिषद सभागार में आयोजित होगी। इस बैठक पुनरीक्षित बजट और आगामी वित्तीय वर्ष का प्राक्कलन बजट पेश किया जाएगा और आदमपुर खंती के लेगेसी वेस्ट का मुद्दा भी केंद्र में रहेगा। यह मामला शहर के लिए लंबे समय से गले की फांस बना हुआ है, जिस पर अब निर्णायक फैसला लेने का दबाव बढ़ गया है।
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश
आदमपुर खंती में फैले कचरे के निपटान को लेकर एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ही समय-सीमा तय कर चुके हैं। निर्देशों का पालन न करने पर एनजीटी ने नगर निगम पर 1.80 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।करीब 33 एकड़ क्षेत्र में फैले 6,47,825 मीट्रिक टन कचरे को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह मुद्दा बेहद गंभीर है।
नई तकनीक से होगा निपटान
कचरे के निष्पादन के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में मेसर्स सौराष्ट्र इनवायरो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 55.54 करोड़ रुपये की न्यूनतम बोली लगाई है। खास बात यह है कि इस बार काम एकमुश्त राशि पर कराया जाएगा, जिससे खर्च बढऩे की संभावना कम रहेगी। इस परियोजना में बायो-रेमेडिएशन और बायो-माइनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कचरे को खत्म किया जाएगा और जमीन को फिर उपयोग के योग्य बनाया जाएगा।
एमआईसी में नहीं बनी सहमति
यह प्रस्ताव पहले भी दो बार एमआईसी की बैठकों में आ चुका है, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। जिंसी स्लॉटर हाउस के घटनाक्रम के बाद परिषद और अधिक सतर्क हो गई है। अब यह मामला परिषद बैठक में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम पहले भी आदमपुर खंती के कचरे के निपटान के लिए कई प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। नवंबर 2023 में ग्रीन रिसोर्स सालिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को कार्यादेश दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा 30 मई 2024 तक काम पूरा नहीं होने पर अनुबंध निरस्त कर जुर्माना लगाया गया। इसके बाद जून 2025 में सुसज्जा जेवी आनंद ऑटो को काम सौंपा गया, लेकिन एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया, जिससे अगस्त 2025 में यह अनुबंध भी रद्द कर दिया गया।
शहर में नए पार्किंग स्थल भी होंगे शुरू
बैठक में ट्रैफिक दबाव को कम करने और निगम की आय बढ़ाने के लिए 14 नए पार्किंग स्थल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इनमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी जैसे मेट्रो स्टेशनों के आसपास की जगहें शामिल हैं। साथ ही न्यू मार्केट और मनीषा मार्केट जैसे व्यस्त क्षेत्रों में भी पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
पुराने वाहनों को हटाने की तैयारी
नगर निगम अपने बेड़े से 145 कंडम वाहनों को हटाने की तैयारी कर रहा है। इनमें से 143 वाहन 15 साल पूरे कर चुके हैं, जबकि दो वाहन खराब स्थिति के कारण हटाए जाएंगे।
प्रियंका गांधी का आरोप: सत्ता बचाने के लिए एलडीएफ ने भाजपा के साथ की गुप्त डील, विचारधारा हुई ताक पर
बिना एड्रेस प्रूफ अब मिलेगा 5 किलो गैस सिलेंडर, किराएदारों और प्रवासियों को बड़ी राहत
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तैयारी: आज से स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से 197 केंद्रों पर खरीद
शराब के नशे में बेटे की दरिंदगी: बुजुर्ग मां की हत्या कर शरीर के किए कई टुकड़े
महाकुंभ के वायरल IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी, इंजीनियर पत्नी संग हिमाचल के मंदिर में लिए सात फेरे
ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला: कोलकाता धमकी मामले में नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल, इस्तीफे की मांग