खाने में सुरक्षित और प्राकृतिक स्वाद के करीब.............ये स्मार्ट फल
वाशिंगटन। कल्पना करें कि आप ब्लैकबेरी खा रहे हैं और दांतों के बीच एक भी सख्त बीज नहीं आ रहा, या आप चेरी का लुत्फ उठा रहे हैं और गुठली थूकने की जरूरत नहीं है। यह कल्पना हकीकत बनने जा रही है। अमेरिका की बायोटेक कंपनी ने जीन-एडिटिंग और एआई की मदद से फलों का हुलिया और स्वाद बदलने की तैयारी कर ली है। बायोटेक कंपनी ऐसी ब्लैकबेरी विकसित कर रही है जिसमें बीज तकनीकी रूप से तब मौजूद होगा, लेकिन वे इतने छोटे और मुलायम हो सकते हैं कि खाते वक्त महसूस ही नहीं हो। ठीक वैसे ही जैसे हम बिना बीज वाले अंगूर खाते हैं। कंपनी अब ‘स्टोनलेस चेरी’ यानी बिना गुठली वाली चेरी भी बना रही है।
वैज्ञानिक कहते हैं, ‘एक बार बिना बीज वाला फल चख लेते हैं, तब पुराने बीज वाले फल खटकने लगते हैं। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी ताकत ‘क्रिस्पर तकनीक’ है। यह एक तरह की ‘जीन-एडिटिंग’ मशीन है जो किसी फल के अपने ही डीएनए में से उस हिस्से को हटा देती है जो बीज या कड़वाहट पैदा करता है। यह पुरानी जेनेटिक मॉडिफाइड तकनीक से अलग है। इसमें किसी बाहरी जीव का डीएनए नहीं डाला जाता, इसलिए ये फल खाने में पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक स्वाद के करीब होते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा मददगार एआई है।
मशीन लर्निंग के जरिए वैज्ञानिक यह पहले ही जान लेते हैं कि अलग-अलग जीन मिलकर फल के स्वाद, खुशबू और सेहत पर क्या असर डाल सकते है। कैलिफोर्निया की कंपनी इस तकनीक का इस्तेमाल इसतरह के ‘एवोकाडो’ बनाने में कर रही है, जो कटने के बाद काले नहीं पड़ने वाले है। वहीं, चीन के वैज्ञानिकों ने टमाटर के जीन में बदलाव कर उस 30 प्रतिशत ज्यादा मीठा बनाने में सफलता हासिल की है। इंसान सदियों से फलों को पसंद के हिसाब से ढालता आया है। आज हम जो आड़ू खाते हैं, वह अपने पूर्वजों की तुलना में 16 गुना बड़ा है। तरबूज की 1,200 किस्में भी प्रयोगों का नतीजा हैं। पहले इन बदलावों में सैकड़ों साल लगते थे, तकनीक की मदद से यह समयसीमा घट गई है।
इतनी खूबियों के बावजूद बाजार में जीन एडिटेड फल कम ही हैं। जीव विज्ञानी कहते हैं,‘बदले बीज से नई पीढ़ी का फल बनने में वर्षों लगते हैं। सेब-आड़ू पेड़ों को लंबा समय चाहिए। पर एआई व क्रिस्पर से ये वक्त घट रहा है। टमाटर व स्ट्रॉबेरी में तकनीक तेजी से काम करती है, क्योंकि प्रक्रिया महीनों में पूरी हो जाती है। जीव विज्ञानी मानते हैं, बाजार में इसतरह के फल आएंगे, तब लोगों की रुचि बढ़ेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 2000 से 2020 के बीच ताजा ब्लूबेरी का आयात 10 गुना बढ़ गया।
आरोपों की बौछार के बीच, पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने उतारी स्टार प्रचारकों की फौज
उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी एग्जाम में ‘अल्लाह’ सवाल पर बवाल
ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में हालात बिगड़े, Shehbaz Sharif ने आज रात से लॉकडाउन का किया ऐलान
उमा भारती ने टीकमगढ़ में पोहे-जलेबी बेचकर जताया विरोध
कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने बनाई भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी
मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक: अहम प्रस्तावों को मंजूरी, छात्रों और किसानों के लिए राहत भरे फैसले
‘चटोरे’ चोरों का अनोखा कारनामा, पहले मिठाई खाई फिर कैश पर हाथ साफ
बारामती उपचुनाव में गरमाई विरासत की सियासत, सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के काम आगे बढ़ाने का वादा किया
वीरेंद्र सहवाग ने अजिंक्य रहाणे पर साधा निशाना, दी हद में रहने की सलाह