खाड़ी के देशों को जंग से जुड़ी तकनीक सिखाएंगे जेलेंस्की, बदले में लेंगे पैसा और तकनीक
कीव। ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों और लगातार होते मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच एक नया कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। यूक्रेन ने अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगी देशों को सुरक्षा संबंधी मदद देने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सहायता बिना शर्त नहीं होगी। यूक्रेन ने अपनी ड्रोन विशेषज्ञता साझा करने के बदले रूस से चल रहे युद्ध के लिए भारी वित्तीय सहायता और आधुनिक सैन्य तकनीक की मांग रखी है।
रूस के साथ पिछले चार वर्षों से जारी भीषण युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ईरान द्वारा डिजाइन किए गए कामिकाजे और शाहेद ड्रोन से निपटने का व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। दरअसल, शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल रूस ने यूक्रेनी शहरों और बुनियादी ढांचे को तबाह करने के लिए बड़े पैमाने पर किया है। अब यूक्रेन इसी अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में पेश कर रहा है। जेलेंस्की का तर्क है कि जो देश समान ड्रोन खतरों का सामना कर रहे हैं, यूक्रेन उन्हें प्रभावी ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली विकसित करने में मदद कर सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में अपने विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि प्रत्येक टीम में दर्जनों विशेषज्ञ शामिल हैं, जो स्थानीय स्थिति का आकलन कर यह बताएंगे कि ड्रोन हमलों को कैसे विफल किया जाए। कीव लंबे समय से पश्चिमी देशों से वायु-रक्षा मिसाइलों और आधुनिक हथियारों की मांग कर रहा है, और अब वह खाड़ी देशों के संकट को अपनी जरूरतों को पूरा करने के अवसर के रूप में देख रहा है। हालांकि, अमेरिका के भीतर से इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उनके देश को ड्रोन रक्षा के लिए यूक्रेन की मदद की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यूक्रेन अपनी विशेषज्ञता को सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने यूक्रेन के इस कदम पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने इसे एक मजाक और दिखावटी कदम करार दिया है। कीव में ईरान के दूत शाह्रियार अमूजेगर ने कहा कि यूक्रेन अब प्रभावी रूप से ईरान के साथ सीधे टकराव के चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन पश्चिमी देशों से अधिक पैसा और संसाधन बटोरने के लिए ईरान कार्ड खेल रहा है। वहीं, ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने चेतावनी दी है कि इस कदम से यूक्रेन ने खुद को ईरान के निशाने पर ला खड़ा किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के इन दावों को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया है और इसे हमलावर द्वारा अपने अपराधों को सही ठहराने की कोशिश करार दिया है।
यूपी की सियासत में नई हलचल: Chirag Paswan ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब
बुलडोजर के साथ नामांकन भरने पहुंचे भाजपा उम्मीदवार, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
आरोपों की बौछार के बीच, पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने उतारी स्टार प्रचारकों की फौज
उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी एग्जाम में ‘अल्लाह’ सवाल पर बवाल
ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में हालात बिगड़े, Shehbaz Sharif ने आज रात से लॉकडाउन का किया ऐलान
उमा भारती ने टीकमगढ़ में पोहे-जलेबी बेचकर जताया विरोध