विस्थापन और मुआवजे की मांग पर किसानों-आदिवासियों का धरना
पन्ना। परियोजना के कारण अपनी जमीन और घरों से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों ने उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि परियोजना के चलते उनकी जमीन, घर और झोपड़ियां उजड़ गई हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। धरने पर बैठे किसानों और आदिवासियों का कहना है कि उनसे जबरन गांव नहीं छीना जाना चाहिए। यदि विस्थापन किया जाता है तो भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 का पूरी तरह पालन किया जाए। प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि आदिवासी संस्कृति और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए “गांव के बदले गांव” बसाकर पुनर्वास किया जाए तथा आजीविका के लिए पर्याप्त कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाए।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों आदिवासी और किसान परिवारों को उनकी जमीन और संस्कृति से अलग किया जा रहा है, जबकि कानून के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि प्रभावितों को न्याय नहीं मिला तो इसे और व्यापक किया जाएगा।
धरना स्थल पर कई किसान अपने पूरे परिवार के साथ मौजूद रहे। रातभर कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसान बैठे रहे। इस दौरान कई परिवारों के छोटे-छोटे बच्चे भूख और प्यास से परेशान होकर रोते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देर रात तक उनकी समस्या सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों और आदिवासी परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान निकालने और न्यायपूर्ण पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।
केकेआर मैच में मुकुल चौधरी की बल्लेबाजी पर फिदा हुए सुनील गावस्कर
कृति सैनन पहुंचीं भोपाल, कक्षा से पंचायत तक विकास कार्यों का लिया जायजा
पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा के छोटे भाई का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
सिनेमाघरों में रिलीज ‘डकैत’, जानें आदिवी शेष-मृणाल ठाकुर की फिल्म की पूरी डिटेल
परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र, IGIMS के सिस्टम पर उठे सवाल
अनुराग कश्यप ने ‘लुटेरा’ से जुड़ा किस्सा बताया, रणवीर सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात
दिल्ली के तिलक नगर में बाल संत अभिनव अरोड़ा के परिवार पर हमला, देर रात हंगामा
चार राज्यों के चुनाव बने ‘चेहरों की जंग’, ममता, स्टालिन और हिमंता सरमा की प्रतिष्ठा दांव पर
गाड़ी विवाद या प्रेम प्रसंग? पेड़ से लटका मिला युवक का शव, मचा सनसनी