कहीं आंधी-तूफान तो कहीं ओले, प्रदेश के 4 जिलों में बारिश का अलर्ट
भोपाल|मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में अचानक मौसम ने करवट ली है राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलो में दिन के समय तेज धूप और गर्मी महसूस की गई है. वहीं कुछ इलाकों में आंधी और हल्की बारिश ने लोगों को चौंका दिया. इसका सबसे ज्यादा असर जबलपुर संभाग में देखने को मिला है. दूसरी तरफ पूर्वी छिंदवाड़ा में तो ओलावृष्टि भी हुई है. लगातार बदलते मौसम ने प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं|
इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो बरघाट, बैहर और खैरलांजी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. तापमान की बात करें तो नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा अधिकतम 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है. सबसे कम तापमान कटनी के करौंदी में 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर में 9.5, पचमढ़ी में 10.2, राजगढ़ में 11.4 और उमरिया में 11.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया|
इन जिलों में हो सकती है बारिश
मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मौसम स्थिर रहने वाला है. लेकिन आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने आज बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और सागर जिले में कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बताई है. साथ ही तेज आंधी भी चल सकती है. बाकी जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है|
2 मार्च को नया पश्चिमी डिस्टरबेंस होगा एक्टिव
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया है कि 2 मार्च पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है. जिसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है. हालांकि इससे पहले प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना हैं|
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला किया
चरित्र पर शक बना हत्या की वजह, पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
एमपी नगर में ट्रैफिक सिस्टम फेल, रोजाना जाम से लोग परेशान
शादी में डांस करते युवक की अचानक मौत, खुशी का माहौल मातम में बदला
मौसम का रुख बदला: केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फ़बारी, ठिठुरन बढ़ी
अंबिकापुर में 'लखपति दीदी' योजना से महिलाओं को नई पहचान मिली
सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
गैस नहीं, बिजली से पकता है खाना—नई तकनीक का कमाल