बेटे की भविष्यवाणी हुई सच: ब्रिटेन में जोम्बी नाइफ संस्कृति ने ली 16 साल के किशोर की जान
ब्रिस्टल। किसी भी माँ के लिए उसका बच्चा उसकी पूरी दुनिया होता है, लेकिन अगर वही बच्चा अपनी मौत का अंदेशा बार-बार जताने लगे, तो यह किसी डरावने सपने से कम नहीं होता। ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर से एक ऐसी ही रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 16 साल के माइकी रोनन की उसके ही डर के अनुरूप हत्या कर दी गई। माइकी अक्सर अपनी माँ हेली से कहा करता था कि उसे डर लगता है कि कोई उसे चाकू मार देगा। वह अपने आसपास बढ़ते अपराधों और चाकूबाजी की घटनाओं को देखकर अपनी मौत की भविष्यवाणी पहले ही कर चुका था, जो अंततः एक खौफनाक हकीकत में बदल गई।
हादसे वाले दिन की यादें साझा करते हुए हेली ने बताया कि उस शाम माइकी एक हाउस पार्टी में जा रहा था। घर से निकलते वक्त उसने फोन पर अपनी माँ को लव यू मॉम कहा था, जो उसके आखिरी शब्द साबित हुए। हेली उस समय एक पुरस्कार समारोह में थीं और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा कुछ ही घंटों में इस दुनिया से चला जाएगा। समारोह खत्म होने के बाद जब उन्होंने अपना फोन देखा, तो उस पर 30 से अधिक मिस्ड कॉल थीं। घबराहट में वापस फोन करने पर माइकी के दोस्त ने चीखते हुए बताया कि उसे चाकू मार दिया गया है। जब तक हेली मौके पर पहुँचीं, पुलिस के घेरे और फॉरेंसिक टेंट ने यह साफ कर दिया था कि उनकी दुनिया उजड़ चुकी है।
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद विचलित करने वाले थे। माइकी की गर्दन पर जोम्बी नाइफ (एक अत्यंत घातक और बड़ा चाकू) से सिर्फ एक वार किया गया था, जो उसकी जान लेने के लिए पर्याप्त था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि माइकी का किसी भी आपराधिक गैंग से कोई संबंध नहीं था और न ही उसका कोई पिछला रिकॉर्ड था, वह बस संगीत का शौकीन एक सामान्य किशोर था। इस मामले में पुलिस ने 16 साल के शेन कनिंघम और उसके साथियों को गिरफ्तार किया। अदालत ने शेन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसमें उसे कम से कम 16 साल जेल में बिताने होंगे।
अदालती फैसले के बावजूद हेली का दर्द कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह इंसाफ अधूरा है क्योंकि उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा, जबकि हत्यारा अपनी आधी उम्र बीतने से पहले ही जेल से बाहर आकर नई जिंदगी शुरू कर सकेगा। हेली अब सरकार से जोम्बी नाइफ जैसे खतरनाक हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही हैं ताकि किसी और परिवार को यह त्रासदी न झेलनी पड़े। विशेषज्ञों का भी मानना है कि वर्तमान में युवाओं के बीच अपराध का पैटर्न बदल गया है। अब किशोर अपनी सुरक्षा के नाम पर साथ में चाकू रखना एक सामान्य बात समझने लगे हैं, जिसके कारण छोटी सी बहस भी पल भर में कत्ल में तब्दील हो जाती है। यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और घातक हथियारों की आसान उपलब्धता पर एक गंभीर चेतावनी है।
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