चित्रकूट में व्यापारी के बेटे का शव बाजार में रखकर हंगामा, आरोपियों का सामान जलाया
चित्रकूट |यूपी के चित्रकूट में बरगढ़ कस्बे में कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय बेटे आयुष की अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में शनिवार को सुबह फिर से भीड़ का आक्रोश फूट पड़ा। लामबंद लोगों ने सुबह करीब 9 बजे आरोपितों के कमरे से उनका सामान निकालकर बाहर आग के हवाले कर दिया। बाइक, कुर्सी, मेज, बक्से आदि जला दी। मौके पर मौजूद पुलिसबल सिर्फ तमाशा देखता रह गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए जाते समय आयुष का शव परिजनों ने बाजार में रख दिया। इसके साथ ही यहां पर आक्रोशित लोगों ने हंगामा काटना शुरू किया।लोगों का कहना है कि अभी तक इस मामले का मुख्यमंत्री ने कोई संज्ञान भी नहीं लिया है। मांग की गई कि उनकी पहले मुख्यमंत्री से बात कराई जाए। इसके बाद ही वह लोग शव का अंतिम संस्कार करेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर लगा हुआ है। पुलिस अधिकारी आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। काफी प्रयास के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए।
तुम्हारा बेटा हमारे पास है, 40 लाख भेजो, मासूम की हत्या के बाद मांगते रहे फिरौती
जंगल में भागने पर मुठभेड़, मारा गया घूरपुर का कल्लू
परानूबाबा के जंगल में भागने के दौरान पुलिस एनकाउंटर में दोनों को गोली लग गई। अस्पताल में कल्लू मृत करार दिया गया। इरफान प्रयागराज रेफर हुआ। घूरपुर निवासी कल्लू और इरफान डेढ़ माह से किराए पर रहकर बक्सा बेचते थे।
व्यापारियों ने लगाया जाम
शुक्रवार सुबह आयुष का शव बरामद होते ही व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को चार घंटे तक झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे जाम रखा। सूचना पर चार जिलों की फोर्स पहुंची। करीब 11 बजे आश्वासन पर जाम खुल सका।
एक दिन पहले गुम हुए फोन से मांगी फिरौती
आयुष की हत्या करने वाले शातिरों ने बड़े ही शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। व्यापारी से फिरौती मांगने में जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया,वह बरगढ़ कस्बे के एक व्यक्ति का निकला। यह फोन वारदात के एक दिन पहले ही कहीं गुम हो गया था। पुलिस ने जब संबंधित मोबाइल नंबर को सर्विलांस से ट्रेस किया तो सिमकार्ड बरगढ़ की ही किसी कल्लू नाम की महिला की निकली। यह फोन एक दिन पहले खो गया था।
बाइक चलाने के शौक ने कातिलों के नजदीक पहुंचाया
आयुष को बाइक चलाने का शौक था। उसकी यह कमजोरी कातिलों के नजदीक पहुंचाने में एक तरह से सहायक रही। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने सीसीटीवी कैमरे का एक वीडियो उपलब्ध कराया। इसमें आयुष कल्लू उर्फ साहबे के साथ बाइक में बैठा नजर आ रहा है। यह वीडियो पुलिस के पास पहुंचने के बाद परिजनों का शक पूरी तरह से यकीन में बदला और कल्लू की तलाश शुरू की गई। बताते हैं कि इरफान और कल्लू दोनों ही आयुष के आने-जाने की हर पल की जानकारी पिछले तीन दिन से जुटा रहे थे। उनको सिर्फ मौके की तलाश थी।
सपने में सिक्का या नोट: क्या देखना है ज्यादा शुभ? जानें धन से जुड़े संकेत
आपकी खाने की स्टाइल क्या बताती है? ऐसे लोग होते हैं सबसे मस्तीखोर
दक्षिण मुखी मुख्य दरवाजा? घबराएं नहीं, इन वास्तु नियमों से दूर करें दोष
राशिफल 3 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विकसित भारत की कल्पना हो रहा है साकार
औजार खरीदी अनुदान योजना- विदिशा के श्रमिक देवेंद्र शर्मा को ₹5000 की सहायता, कार्य में बढ़ी दक्षता
चारधाम यात्रा: 9.67 लाख सिलिंडरों की मांग, रोजाना 6000+ सप्लाई के साथ सरकार अलर्ट पर
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वर्ष 2025-26 में दिखाया मास्टर क्लास प्रदर्शन
वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद