एमआरपी से महंगी शराब: आबकारी तंत्र की चुप्पी में लूट का खुला खेल
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में शराब एमआरपी से अधिक दामों पर खुलेआम बेची जा रही है, लेकिन आबकारी विभाग आंख मूंदकर बैठा है। हालत यह है कि शराब दुकानों से रेट लिस्ट तक गायब कर दी गई है और ग्राहक जब बिल मांगता है तो दुकानदार साफ इनकार कर देता है। सूत्रों के अनुसार राज्य के ग्वालियर, उज्जैन, सागर सहित अनेक जिलों में शराब ठेकेदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। कहीं बोतल पर 30–50 रुपये तो कहीं 100 रुपये तक अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
बिल मांगो तो धमकी
ग्राहकों का कहना है कि जब वे एमआरपी पर शराब मांगते हैं या बिल मांगते हैं तो दुकानों पर बैठे लोग उन्हें डराते-धमकाते हैं। कई जगह तो यह तक कहा जाता है —“लेना है तो लो, नहीं तो बाहर जाओ।”
अवैध अहाते सड़क तक फैले
शराब दुकानों के आसपास अवैध अहाते खुलेआम चल रहे हैं। फुटपाथ, गली, यहां तक कि मुख्य सड़कों तक लोग बैठकर शराब पीते नजर आते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन न पुलिस को फर्क पड़ रहा है और न आबकारी विभाग को। शासन को नुकसान पुलिस और आबकारी की उगाही जारी
पुलिस की उगाही, आबकारी की नींद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस हर महीने दुकानों और अवैध अहातों से उगाही करती है, जिसके बदले कार्रवाई नहीं होती। वहीं आबकारी विभाग कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है। न रेट लिस्ट की जांच हो रही है, न बिल देने की निगरानी।
सरकारी राजस्व को भी नुकसान
इस अवैध वसूली से न केवल आम जनता लुट रही है, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है
अब सवाल तो यह है कि —
क्या आबकारी विभाग और पुलिस इस खुलेआम हो रही लूट पर कार्रवाई करेंगे या यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा?
तमिलनाडु चुनाव प्रचार में एआई का इस्तेमाल, डिजिटल अवतार से वोट मांगते नजर आए विजय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
राज्य सरकार अग्निशमन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत - झाबर सिंह खर्रा
मदद न मिलने पर भाई ने बाथरूम में बहन का किया अंतिम संस्कार, दिल दहला देने वाली घटना
नकली नोट पर ‘मेड इन इंडिया’ की मुहर, दाऊद इब्राहिम के गुर्गों की नई चाल
ग्लोबल मार्केट में उछाल, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से एशिया में तेजी
बाबा साहेब भारतीय संस्कृति में रचे—बसे मूल्यों से जुड़े महामना थे: राज्यपाल
भेदभाव पर सख्त टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता छूट से वंचित कर्मचारी को दी राहत