झारखंड से भागे, महाराष्ट्र में धरे गए! हजारीबाग जेल ब्रेक के 3 गुनहगार गिरफ्तार, पुलिस की 'स्पेशल-26' वाली रेड
हजारीबाग : हजारीबाग के जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीन कैदियों को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया है. हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों फरार कैदियों को गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस को बड़ी राहत मिली है.
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कैदियों में देवा भुईंया, जितेंद्र रवानी और राहुल पंजवार शामिल हैं. देवा भुईंया पिछले करीब नौ महीने से जेपी कारा में बंद था, जबकि जितेंद्र रवानी और राहुल पंजवार लगभग तीन महीने पहले ही जेल भेजे गए थे. तीनों कैदी बैरक नंबर छह में एक साथ रखे गए थे और सभी पॉस्को एक्ट के आरोपी हैं. बताया जा रहा है कि एक ही जिले से होने के कारण तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी.
जांच में सामने आया है कि फरारी की योजना तीनों ने पहले से तैयार कर रखी थी. जेल में सोने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चादरों को आपस में जोड़कर उन्होंने रस्सी का रूप दिया. इसी अस्थायी रस्सी के सहारे वे रात के समय जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए. घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे.
फरारी के बाद हजारीबाग पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग राज्यों में तलाश शुरू की. लगातार लोकेशन ट्रैक और इनपुट मिलने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरोपी महाराष्ट्र में छिपे हुए हैं. इसके बाद सोलापुर जिले में स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
फिलहाल तीनों कैदियों को ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं इस पूरे मामले में जेल सुरक्षा में हुई चूक को लेकर भी आंतरिक जांच की बात कही जा रही है.
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