सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर पीएम मोदी का टवीट.....अटूट आस्था के एक हजार वर्ष
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू हो रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर भारत की सांस्कृतिक अटूटता और संघर्ष की गाथा को याद किया है। उन्होंने कहा कि अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का यह मौका हमें राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुरु हो रहा है। एक हजार साल पहले जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके, बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को शेयर किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तब अपनी तस्वीरें हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के साथ जरूर शेयर करें।
उन्होंने लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का ये मौका भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा। हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के प्रति उनकी निष्ठा अटूट रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित हुए कार्यक्रम की कुछ झलकियां शेयर कीं। उन्होंने बताया कि यह वहां साल था, जब 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 साल पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने लिखा, 1951 में वहां ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में संपन्न हुआ था। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी जी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं।
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