यात्रीगण कृपया ध्यान दें! कोयल नदी रेल पुल क्षतिग्रस्त होने से बड़ा अलर्ट, 7 जनवरी तक लोहरदगा रेल लाइन पर ट्रेन ऑपरेशन पूरी तरह बंद
झारखंड के लोहरदगा रेलवे स्टेशन के पास कोयल नदी पर बने रेल पुल के एक पिलर के क्षतिग्रस्त होने से रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। Lohardaga Railway Bridge Damage की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से लोहरदगा होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों का परिचालन 7 जनवरी तक बंद कर दिया है। सोमवार को पूरे दिन लोहरदगा स्टेशन पर एक भी ट्रेन नहीं पहुंची, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार पुल संख्या 115 के पिलर नंबर पांच में क्षति और पिलर चार व पांच के बीच दरार सामने आई है। इसके बाद एहतियातन ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी गई। रेलवे की इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 7 जनवरी तक पुल की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी।
ट्रेनों का संचालन और रूट डायवर्जन
पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण रांची–टोरी मेमू ट्रेन फिलहाल केवल नगजुआ स्टेशन तक ही चलाई जा रही है और वहीं से वापस रांची लौट रही है। वहीं, राजधानी एक्सप्रेस और चोपन एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग टोरी–बरकाकाना रेल लाइन से डायवर्ट कर परिचालित किया जा रहा है। सासाराम–रांची एक्सप्रेस को 8 जनवरी तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
जीएम करेंगे स्थल निरीक्षण
Lohardaga Railway Bridge Damage मामले को लेकर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र मंगलवार को रांची पहुंचेंगे। वे लोहरदगा जाकर पुल का निरीक्षण करेंगे और स्थिति की समीक्षा करेंगे। निरीक्षण के बाद वे रांची यार्ड में चल रहे री-मॉडलिंग कार्य का भी जायजा लेंगे।
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला किया
चरित्र पर शक बना हत्या की वजह, पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
बड़वानी में भूकंप के झटके, 3.6 तीव्रता से हिली धरती
एमपी नगर में ट्रैफिक सिस्टम फेल, रोजाना जाम से लोग परेशान
शादी में डांस करते युवक की अचानक मौत, खुशी का माहौल मातम में बदला
मौसम का रुख बदला: केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फ़बारी, ठिठुरन बढ़ी
अंबिकापुर में 'लखपति दीदी' योजना से महिलाओं को नई पहचान मिली
सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?