मानहानि मामले में कंगना पर कानूनी शिकंजा, अगली तारीख पर तलब
बठिंडा (पंजाब) : हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत की आज पंजाब के बठिंडा कोर्ट में मानहानि केस में पेशी थी, लेकिन अभिनेत्री अदालत में पेश नहीं हुईं। अदालत को कंगना के वकील ने सुरक्षा का हवाला देकर अभिनेत्री के पेश होने के लिए छूट देने की मांग की। अब इस मामले में कोर्ट ने कंगना के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए हैं।
कंगना रनौत के खिलाफ बठिंडा की बुजुर्ग महिला महिंदर कौर ने मानहानि का केस दर्ज कराया था। इस मामले में 27 अक्तूबर को कंगना रनौत बठिंडा अदालत में पेश भी हुई थी। आज मामले की सुनवाई के दौरान पेश न होने पर महिंदर कौर के वकील ने इसका विरोध जताया और अदालत के सामने पक्ष रखा। इसके अलावा वकील बहनीवाल ने बताया कि आज अदालत ने कंगना के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए है। अब अगली सुनवाई दो दिसंबर को होगी।
बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के पति लाभ सिंह ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर कंगना को माफी नहीं देंगे। वह अदालत में लड़ाई लड़ेंगे और आखिर तक कंगना के खिलाफ डटे रहेंगे।
बता दें कि यह मामला साल 2020-21 के किसान आंदोलन से जाकर जुड़ता है। दरअसल, कंगना रनौत ने एक री-ट्वीट किया था। इसमें बठिंडा जिले के एक गांव की रहने वाली महिला महिंदर कौर को लेकर टिप्पणी की थी। कंगना ने एक ट्वीट में महिंदर कौर की तुलना शाहीन बाग आंदोलन की बुजुर्ग महिला बिलकिस बानो से की थी।
इससे पहले कंगना रनौत 27 अक्तूबर को बठिंडा कोर्ट में पेश हुई थी। कंगना ने बुजुर्ग महिला से माफी भी मांगी थी। तब कंगना ने कहा था कि जैसा दिखाया गया है, वैसा मैं अपने सपने में भी नहीं सोच सकती। मां चाहे हिमाचल की हो या पंजाब की हो, मेरे लिए सम्मानजनक हैं। हालांकि इसके बाद बुजुर्ग महिंदर कौर ने कहा कि वह कंगना को माफ नहीं करेगी और आखिरी तक अदालत में केस लड़ती रहेंगी।
तुलसी और गौमाता: आरोग्य प्राप्ति के दो दिव्य स्तंभ, जानें कैसे दूर रहेंगे रोग?
यंत्रों की रहस्यमयी शक्ति: जानें कैसे ज्यामितीय आकृतियां बदल सकती हैं आपकी किस्मत?
हथेली में छिपा है आपके जीवन का नक्शा: जानें रेखाओं और बनावट का दिलचस्प संकेत
अतिथि सत्कार की पहली कड़ी: मेहमान को पानी पिलाने के पीछे छिपे हैं ये 3 बड़े रहस्य
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव