दिल्ली AIIMS में 20 करोड़ की रोबोटिक सर्जरी मशीन, कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत
नई दिल्ली: एम्स के कैंसर सेंटर इंस्टिट्यूट ऑफ रोटरी कैंसर हॉस्पिटल (IRCH) में रोबॉटिक सर्जरी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी साल लगी पहली रोबॉटिक मशीन से हर महीने 20-25 कैंसर मरीजों की सर्जरी की जा रही है। मरीजों को यह अत्याधुनिक सुविधा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।
दूसरी मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू
बेहतर नतीजों के चलते अस्पताल प्रशासन ने अब 19.75 करोड़ रुपये की लागत से दूसरी रोबॉटिक मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एक सीनियर डॉक्टर के मुताबिक फरवरी में पहली रोबॉटिक मशीन लगाई गई थी। अब तक 150 से ज्यादा सर्जरी हो चुकी है। ज्यादातर सर्जरी आंत, फूड पाइप, पैंक्रियाज, यूरोलॉजी, गायनी से जुड़े कैंसर में की गई है।
इसलिए है तकनीक की जरूरत
डॉक्टर का कहना है कि रोबॉटिक तकनीक की वजह से मरीजों को अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाती है, जिससे बेड जल्द खाली होते हैं और अधिक मरीजों को इलाज मिल पाता है। यही कारण है कि अस्पताल प्रशासन अब दूसरी रोबॉटिक मशीन लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
मरीजों को होगा बड़ा फायदा
एम्स के डॉक्टरों के अनुसार रोबॉटिक सर्जरी में बड़े चीरे की जरूरत नहीं होती।
छोटे छेद से ऑपरेशन होने के कारण खून कम बहता है, दर्द कम होता है।
मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं।
सिस्टम में 3डी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ट्यूमर और आसपास के हिस्से अधिक स्पष्ट दिखते हैं।
सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी
रोबॉटिक मशीन महंगी होने की वजह से सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा बहुत कम उपलब्ध है। दिल्ली एम्स, सफदरजंग अस्पताल और नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टीबी एंड रेस्पिरेटरी डिजीजेज (NITRD) में ही रोबॉटिक सर्जरी की सुविधा है। प्राइवेट अस्पतालों में ऐसी सर्जरी के लिए लाखों रुपये वसूले जाते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीज इससे वंचित रह जाते हैं।
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