1500 की आबादी वाला शहर पोक्रोव्स्क बना जंग का अड्डा, पुतिन क्यों कर रहे कब्जे की तैयारी?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नजर यूक्रेन के एक शहर पर है. ये कोई डोनेस्क की तरह बड़ा शहर नहीं है बल्कि लगभग खाली हो चुका है. इस शहर का नाम है- पोक्रोव्स्क (Pokrovsk). जहां कभी करीब 60 हजार लोग रहते थे. लगातार बमबारी और तीन साल से जारी जंग के चलते यहां की आबादी 1500 से भी नीचे आ गई है.
यानी पोक्रोव्स्क में अब लगभग कोई आम नागरिक नहीं बचा. इमारतें खंडहर बन चुकी हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और विश्वविद्यालय तक बमबारी में तबाह हो चुका है. लेकिन रूस ने इस छोटे से शहर पर कब्जे के लिए करीब 1 लाख सैनिक तैनात कर दिए हैं. सवाल है आखिर इस वीरान शहर में ऐसा क्या है कि पुतिन इसे हर हाल में लेना चाहते हैं? आइए जानते हैं विस्तार से.
डोनबास का दरवाजा है पोक्रोव्स्क
रिपोर्ट के मुताबिक पोक्रोव्स्क पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में एक अहम सड़क और रेल जंक्शन है. यही इलाका रूस के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. रूस की नजर पूरे डोनबास क्षेत्र (डोनेट्स्क और लुहांस्क) पर है, और पोक्रोव्स्क को वो गेटवे टू डोनेट्स्क मानता है. अगर रूस इस शहर पर कब्जा कर लेता है, तो वो आगे क्रीमाटोर्स्क और स्लोवियान्स्क जैसे यूक्रेन के बड़े शहरों की ओर बढ़ सकता है. अगर रूस इसे जीतता है, तो यह फरवरी 2024 में अवदीवका के बाद उसका सबसे बड़ा सैन्य फायदा होगा.
कोयले की खान भी है एक वजह
पोक्रोव्स्क के पास यूक्रेन की एकमात्र कोकिंग कोल खदान है, जो देश की स्टील इंडस्ट्री की रीढ़ रही है. रूस इस खान पर नियंत्रण पाकर यूक्रेन की औद्योगिक क्षमता को कमजोर करना चाहता है. जंग के चलते मेटइनवेस्ट कंपनी ने जनवरी में खनन रोक दिया था, लेकिन रूस अब उस इलाके को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा है.
पुतिन ने कब्जे के लिए बदली रणनीति
रूस इस बार पहले की तरह सीधी लड़ाई नहीं लड़ रहा, बल्कि धीरे-धीरे घेरने की रणनीति अपनाई है. छोटे-छोटे यूनिट्स और ड्रोन से यूक्रेनी सप्लाई लाइन काटी जा रही हैं. रूस का दावा है कि इस तरह वो अपने नुकसान को कम रख रहा है. यूक्रेन का कहना है कि उसने अब भी शहर के कई हिस्सों पर नियंत्रण बना रखा है और रूसी फौजों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. रूसी सेना का दावा है कि उसने यूक्रेनी सैनिकों को शहर के कुछ हिस्सों में घेर लिया है, जबकि कीव कह रहा है कि अभी तक कोई इलाका पूरी तरह रूस के नियंत्रण में नहीं गया.
नक्सलवाद के 'अंतिम कमांडर' पर सुरक्षाबलों का अंतिम प्रहार, रसद और हथियार की सप्लाई ठप।
IMD का अलर्ट: झारखंड में हीटवेव की दस्तक, रांची समेत इन इलाकों में चलेगी भीषण लू।
ऐतिहासिक दौरा: पहली बार भारत-श्रीलंका को छोड़ सीधे नेपाल पहुँच रहे हैं अमेरिकी राजनयिक कपूर
एस. जयशंकर का विपक्ष पर प्रहार: कहा- देश ने देख लिया महिला विरोधी दलों का असली चेहरा
लोकतंत्र बचाने की जंग में राहुल गांधी बने सारथी, संजय राउत ने विपक्ष की जीत पर जताई खुशी।
आज रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन: प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं बड़ी घोषणा
आदित्य ठाकरे का प्रहार: "महिला आरक्षण बिल नहीं, यह सत्ता के विस्तार का गुप्त रास्ता था।"
हादसा या साजिश? 'बाबा' खरात के पार्टनर की मौत पर महाराष्ट्र की सियासत गरमाई।
RTE एडमिशन की बढ़ी तारीख: अब 25 अप्रैल तक निजी स्कूलों में करा सकेंगे निःशुल्क प्रवेश
पोर्टल खोलिए और खुद भरिए अपनी जानकारी; राजस्थान में डिजिटल जनगणना का शंखनाद।