दीपावली पर खाटूश्याम मंदिर दर्शन का शेड्यूल जारी, रात 10 बजे बंद होंगे दर्शन
सीकर : श्याम भक्तों के लिए बड़ी सूचना है। अगर दीपावली के दिन सीकर जिले में स्थित विश्व विख्यात हारे का सहारा बाबा श्याम के दरबार में धोक लगाने जा रहे हो तो जाने से पहले खबर पढ़ लेवें जो आपकों बड़ी परेशानी से बचाएगी। तक बंद रहेंगे। ऐसे में दीपावली के दिन में श्याम भक्तों को खाटूश्याम मंदिर में दर्शन नहीं हो पायेंगे। अगर दीपोत्सव पर लखदातार खाटूश्याम बाबा के दर्शन करना चाहते है तो इस प्रकार प्लान बनाएं ताकि सबसे बड़े धार्मिक पर्व दीपावाली पर खाटू श्याम प्रभु के दर्शनों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़े क्योंकि दीपावली के दिन भक्तों को बाबा खाटूश्यामजी के दर्शन 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे बाद से ही दर्शन शुरू हो पायेंगे।
19 अक्टूबर की रात 10 बजे से पट बंद
आपको बताते चले कि यह बड़ा बदलाव इसलिए किया गया है कि क्योंकि दीपावली पर्व पर विशेष सेवा-पूजा होने के चलते 19 अक्टूबर की रात 10 बजे से ही मंदिर में श्याम बाबा के दर्शन बंद हो जाएंगे। इसके लिए बकायदा खाटूश्याम मंदिर का प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से बकायदा श्याम भक्तों के लिए बकायदा सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। श्री श्याम मंदिर कमेटी के संतोष सिंह एवं मानवेंद्र सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि कि दीपावली पर्व पर 20 अक्टूबर को बाबा श्याम की विशेष सेवा-पूजा होगी। इसलिए 19 अक्टूबर की रात 10 बजे से मंदिर में दर्शन बंद हो जाएंगे। जो 20 अक्टूबर की शाम 5 बजे शुरू होंगे।
ऐसे में मंदिर कमेटी की ओर से अपील भी की गई कि दीपोत्सव पर दर्शनबंदी की घोषित अवधि के बाद ही मंदिर में दर्शन करने के लिए आएं ताकि व्यवस्था बनी रहे और श्याम भक्तों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो।
इन दिनों नहीं हो पाते हैं खाटू बाबा के दर्शन
यहा ध्यान रहे कि श्याम मंदिर में दीपावली, होली, रक्षाबंधन, सिंजारा जैसे सनातन धर्म के विशेष पर्व और हर अमावस्या के बाद श्याम बाबा की सेवा विशेष-पूजा और तिलक होता है। इस कारण भी एक घोषित अवधि के दौरान खाटू बाले बाबा के मंदिर में 15 से 19 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद किर दिए जाते हैं। यहां ध्यान रहे कि अभी चार पांच रोज पूर्व दीपावली की साफ सफाई के चलते लगातार 12 अक्टूबर की रात 10 बजे से अगले दिन 13 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक श्री श्याम मंदिर के कपाट आम दशनार्थ लगातार बीस घंटे बंद रखे गए थे।
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