सात साल से फरार गैंगस्टर मनीष कुशवाहा गिरफ्तार
गोपालगंज जिले के विशंभरपुर थाना क्षेत्र के निरंजना गांव निवासी गैंगस्टर मनीष कुशवाहा को बिहार एसटीएफ ने गोपालगंज पुलिस की मदद से सिवान से गिरफ्तार कर लिया है। मनीष कुशवाहा पर हत्या, लूट, बमबाजी, पुलिस मुठभेड़ समेत 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिहार पुलिस और एसटीएफ पिछले सात वर्षों से मनीष कुशवाहा की तलाश कर रही थी। उसके खिलाफ तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसपी अवधेश दीक्षित ने गैंगस्टर की गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि उससे पूछताछ जारी है तथा उसके अपराधिक मामलों की जांच भी की जा रही है। मनीष की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद व्यवसायियों और गोपालगंज पुलिस ने राहत की सांस ली। इस कार्रवाई को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गैंगस्टर मनीष कुशवाहा पर हत्या, लूट, रंगदारी, बमबारी, पुलिस पर हमला और पुलिस से मुठभेड़ समेत 28 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित था। पिछले सात वर्षों से वह पुलिस की नजरों से फरार था। तत्कालीन एसपी स्वर्ण प्रभात ने 19 मई को टॉप-100 अपराधियों की सूची में उसे शामिल किया और उसके घर की कुर्की कर बुलडोजर से आवासीय मकान ध्वस्त कर दिया था।
मनीष कुशवाहा दियारा इलाके में आतंक का प्रतीक था। उसके पास लूट और स्मगलिंग के कई अत्याधुनिक हथियार भी थे। 1 मार्च 2020 को उसने विशंभरपुर थाना क्षेत्र के खेम मटिहनिया के गुमनिया मोड़ पर निरंजना गांव के मछली व्यवसायी किसान बिंद को कार्बाइन से गोली मारकर हत्या की थी। घटना के बाद मनीष पुलिस से मुठभेड़ कर फरार हो गया था।
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