भारत की कड़ी निगरानी से परेशान दाऊद गिरोह की हलचल तेज, पाकिस्तानी पनाहगाह छोड़ने की कर रहा तैयारी
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने से इनकी कमर टूट गई है। इसमें सबसे प्रमुख दाऊद इब्राहिम का गिरोह है। ड्रग्स तस्करों के विरुद्ध हुई कार्रवाई से इनका नेटवर्क जरूर टूटा है, लेकिन पूरी तरह से समाप्त हो गया है-अभी यह कहना मुश्किल है।
भारत में विभिन्न क्षेत्रों के ड्रग्स कार्टेल सक्रिय
भारत में विभिन्न क्षेत्रों के ड्रग्स कार्टेल सक्रिय हैं। इनमें सबसे प्रमुख दाऊद इब्राहिम का सिंडिकेट है। इसे तोड़ना बहुत जरूरी है। वह अब भी इस अवैध कारोबार के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है। भारत में हो रही कड़ी कड़ाई से दाऊद अपनी रणनीति को बदलने की कोशिश कर रहा है।
ड्रग्स तस्करी से वह जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल सीधे भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। कम से कम 80 प्रतिशत आतंकी संगठनों का वित्त पोषण दाऊद के नेटवर्क से होता है। इसलिए, उस पर इस काले कारोबार को और बढ़ाने का भारी दबाव है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी दाऊद का दे रही साथ
उसका साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ और वहां की सरकार लगातार दे रही है। वो इसलिए कि उसे दाऊद से भारत में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के लिए पैसे चाहिए। खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि नई रणनीति के तहत दाऊद का नेटवर्क दक्षिण अफ्रीका और मैक्सिको में ड्रग्स कार्टेल तक पहुंच गया है।
दाऊद का दक्षिण अफ्रीका में दबदबा
दाऊद का दक्षिण अफ्रीका में हमेशा से ही अच्छा-खासा दबदबा रहा है, लेकिन मैक्सिको के कार्टेल उसके लिए अपेक्षाकृत नए हैं। ऐसे में उसके लिए मैक्सिको का नेटवर्क बहुत महत्वपूर्ण है।
मैक्सिको कार्टेल की सक्रियता के संकेत पहली बार तब सामने आए, जब 25 नवंबर को भारतीय तटरक्षक बल ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक मछली पकड़ने वाले जहाज से ड्रग्स की एक बड़ी खेप जब्त की। इसी समय नए कार्टेल की भूमिका सामने आई। यह वही कार्टेल हैं जिनसे दाऊद अपना नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
मैक्सिकन ड्रग्स माफिया से किया संपर्क
दाऊद ने ड्रग्स का धंधा करने के लिए एक मैक्सिकन ड्रग्स माफिया एल मेन्चो से संपर्क किया है। उसका अपना गैंग पंजाब, जम्मू-कश्मीर और गुजरात जैसे पारंपरिक मार्गों से ड्रग्स को भेजने की कोशिश करेगा जबकि मैक्सिकन नेटवर्क दक्षिणी बाजार में इसे भेजने की कोशिश करेगा।
आइएसआइ ने हाजी सलीम और सलीम डोला जैसे लोगों से हाथ मिलाया है। ये दोनों ही भारत में ड्रग्स की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को संभालेंगे।
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