वडोदरा गरबा तैयार, बारिश रुकते ही माथे पर तिलक के साथ मिलेगी एंट्री, मयंक पटेल ने साझा किया अपना संदेश
अहमदाबाद/वडोदरा: नवरात्रि के आगाज से पहले हिंदू संगठनों में मांग की थी कि गरबा आयोजनों में दूसरे धर्म के लोगों का प्रवेश रोकने की व्यवस्था की जाए। हिंदू संगठनों ने इसके लिए तिलक के साथ गौमूत्र के छिड़काव को जरूरी करने के सुझाव भी दिए थे। गुजरात के बड़े गरबा आयाेजनों में शामिल वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल (VNF) ने साफ किया है कि माथे पर तिलक होने के बाद गरबा ग्राउंड में प्रवेश मिलेगा। नवरात्रि से ठीक पहले भारी बारिश ने गुजरात के तमाम शहरों में गरबा आयोजकों की चुनौती बढ़ा दी थी। वडोदरा नवरात्रि फेस्टिल का आयोजन शहर के ऐतिहासिक नवलखी मैदान पर होता है। आयोजकों ने सोमवार की शाम तक ग्राउंड को रेडी कर लिया। सनातन संत समिति के प्रमुख डॉ. ज्याेर्तिनाथ ने आयोजकों से कहा है कि फिल्मी गाने न बजाएं। उन्होंने चेताया है कि अगर लोग नवरात्रि के आयोजनों में फिल्मी गाने गाएंगे तो उनकी आंखें लाल हो जाएंगी।
नो तिलक-नो इंट्री लागू है
वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल के आयोजक मयंक पटेल ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में साफ किया कि नवरात्रि हिंदुओं का त्योहार है। ऐसे में इस आयोजन दूसरे धर्म के लोगों नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां आद्यशक्ति की आराधना के पर्व में बहनें अच्छे से गरबा खेल सकेंगे। इसके पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा कि तिलक को अनिवार्य किया है। 'नो तिलक-नो इंट्री' को लागू किया गया है। ऐसे में गरबा ग्राउंड में वहीं लोग गरबा खेल पाएंगे जो जांच के अंदर आएंगे। इस संबंध में आयोजन की सुरक्षा में लगे स्टॉफ को निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब हो कि वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, नासिक, नागपुर समेत शहरों में हिंदू संगठनों ने कहा कि दूसरे धर्म के लोगों को आयोजनों में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिंदू संगठनों ने यह निर्देश लव जेहाद (Love Jihad) की घटनाओं को रोकने के लिए दिए हैं।
वडोदरा में तीन बड़े आयोजन
वडोदरा शहर में वैसे तो 800 गरबा हो रहे हैं लेकिन वर्ल्ड लेवल पर तीन गरबा की चर्चा होती हैं। इनमें लक्ष्मी विलास पैलेस हेरीटेज गरबा, यूनाइटेड वे गरबा (United way Garba Mahotsav) और वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल यानी वीएनएफ शामिल हैं। वीएनएफ आयोजन क्रेडाई के पदाधिकारी और शहर के कुछ डेवलपर मिलकर करते हैं। इतन तीनों आयोजनों में 9 दिन के दरिम्यान एक लाख से अधिक लोग भाग लेते हैं। इनमें गरबा खेलने और देखने वाले शामिल होते है। दोनों के लिए अधिकृत एंट्री कार्ड इश्यू किए जाते हैं। वीएनएफ ने इस बार अपनी थीम को चेंज किया है। 11 वें एडीशन को येलो थीम पर रखा है।
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