गाजियाबाद एनकाउंटर की चर्चा दिशा पटानी केस से जोड़कर, हरियाणा STF SP वसीम अकबर का नाम बना विवाद का केंद्र
चंडीगढ़ : बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित घर के बाहर फायरिंग की गई। आरोपी रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के दो सक्रिय सदस्य बुधवार को एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए। हरियाणा एसटीएफ के एसपी आईपीएस वकीम अकरम ने मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों की गोली लगने से मौत की पुष्टि की और बताया कि विशेष प्रकोष्ठ का एक जवान भी घायल हुआ है। दिशा पटानी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों की पहचान रोहतक निवासी रवींद्र और सोनीपत के गोहाना रोड स्थित इंडियन कॉलोनी निवासी अरुण के रूप में हुई। हरियाणा एसटीएफ एसपी ने रवींद्र और अरुण दोनों रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के सक्रिय सदस्य थे। रवींद्र का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा था।
एसपी वसीम अकबर ने बताया कैसे हुआ एनकाउंटर
एसपी ने बताया कि संदिग्धों के सोनीपत में होने की सूचना मिली थी। उनकी लोकेशन पर संदिग्धों की तलाश जारी थी। गाजियाबाद में उन्हें ट्रेस किया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में शूटर्स को गोली लगी। आईपीएस वसीम अकरम ने बताया कि रवींद्र पर हरियाणा में 6 केस दर्ज हैं। उसके ऊपर सबसे बड़ा केस 2024 में रवि जाटव को भगाने का प्रयास का है। इस दौरान एक पुलिसवाले की मौत हो गई थी। उस घटना में रवींद्र शामिल था। तब से वह फरार था।
2013 बैच के आईपीएस अफसर हैं वसीम
वसीम अकबर हरियाणा कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह झज्जर में एसपी भी रह चुके हैं। अभी वह हरियाणा एसपी एसटीएफ के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा उसके बाद एसपी एसीबी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वसीम अकबर उत्तर प्रदेश के जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र हैं।
तीन बार में बने आईपीएस
वसीम अकरम ने यूपीएससी एग्जाम तीन बार पास किया। सबसे पहले उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी, लेकिन तब उन्हें 966 रैंक के मिली थी और उन्हें आरक्षित सूची में डाल दिया गया था। उन्होंने हार नहीं मानी दूसरी बार एग्जाम दिया और उन्हें 568 रैंक मिली थी। उसके बाद उन्हें ओडिशा में तैनाती मिली थी। हालांकि उन्होंने निराश होने की बजाए फिर यूपीएससी एग्जाम दिया और तीसरी बार में मेन एग्जाम और इंटरव्यू के बाद उन्हें 183 रैंक मिली है।
दूसरी बार भी यूपीएससी क्रैक किया लेकिन...
वसीम अकरम ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 568वीं रैंक के बाद उन्होंने जॉइनिंग कर ली थी। उन्हें ओडिशा के कटक में तैनाती मिली। हालांकि उन्होंने तीसरी बार एग्जाम में बैठने का फैसला किया और अल्लाह का शुक्र है, उन्हें183वीं रैंक मिली।
यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले
वसीम अकबर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से बी.टेक किया है। वह एक किसान परिवार से आते हैं। हालांकि उनके पिता ने उनकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने गांव में ही सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। उसके बाद मुरादाबाद शहर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और फिर दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और सफलता हासिल की।
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