कूनो प्रोजेक्ट को 3 साल होने से ठीक पहले दुख भरी खबर, मृत मिली मादा चीता
श्योपुर/ग्वालियर: मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को 17 सितंबर को तीन साल पूरे होने जा रहे हैं लेकिन इससे ठीक पहले सोमवार को एक बार फिर दुख भरी खबर कूनो नेशनल पार्क से आई है. कूनो की धरती पर मादा चीता नभा के बाद अब मादा चीता ज्वाला की एक शावक की मौत की बात सामने आई है.
कूनो से आई चीते की मौत की खबर
भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के तहत 2022 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी. मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में 70 साल बाद भारत की धरती पर चीतों की बसाहट हुई. तीन वर्षों में चीतों ने भारत के वातावरण में ढल कर इसे अपना घर बनाया और इसके बाद भारत में ही चीता शावकों ने भी जन्म लिया लेकिन इस बीच कई बार चीतों की मौत ने निराश किया और एक बार फिर सोमवार को ऐसी ही निराशा भरी खबर सामने आई. कूनो प्रबंधन ने मादा चीता ज्वाला की मादा शावक की मौत की पुष्टि की है.
सोमवार शाम जंगल में मिला शव
चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर की ओर से डीएफओ थिरुकुरल आर से मिली जानकारी के अनुसार, ''सोमवार शाम करीब 6:30 बजे जंगल में मादा चीता ज्वाला की एक शावक मृत पाई गई है. ये शावक 20 महीने की थी, जिसे उसकी मां मादा चीता ज्वाला और उसके तीन सिबलिंग (भाई बहनों) के साथ 21 फरवरी 2025 को जंगल में आजाद छोड़ा गया था.''
एक माह से अकेले सफर कर रही थी मादा शावक
बताया जा रहा है कि यह मादा शावक बीते एक माह से अपनी मां ज्वाला को और कुछ दिनों पहले जंगल में अपने भाई बहनों को छोड़कर अकेले निकल गई थी. ऐसे में प्राथमिक जांच में उसकी तेंदुए के साथ जंगल में हुई लड़ाई के दौरान घायल होने से मौत की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, ज़्यादा जानकारी उसके पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आएगी.
कूनो में अब चीतों की संख्या 25
आपको बता दें कि इससे पहले 12 जुलाई को कूनो में मादा चीता नभा की भी मौत हुई थी. अब इस मादा शावक की मौत के बाद कूनो में 25 चीते बचे हैं जिनमे 9 वयस्क और 16 भारत में जन्मे शावक हैं. चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बाकी सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं.
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