प्रेमानंद महाराज ने स्टीमर से देखी बाढ़ की तबाही, श्रद्धालुओं से कहा- यह प्रकृति की चेतावनी है, दैवीय दंड नहीं
मथुरा: धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन में रहने वाली अधिकांश आबादी इस समय बाढ़ के प्रकोप से ग्रस्त है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर चुका है। निचले इलाकों के रहने वाले लोगों के घर पानी में डूब चुके हैं। सैकड़ों लोगों को पलायन करना पड़ा है। देश-दुनिया में मशहूर प्रेमानंद महाराज भी अपने शिष्यों के साथ बाढ़ से प्रभावित लोगों को दर्द बांटने निकले। सोमवार को उन्होंने स्टीमर से बाढ़ का जायजा लिया। प्रेमानंद महाराज का यह कदम इसलिए खास है क्योंकि आमतौर पर वे अपने आश्रम से बाहर नहीं निकलते।
प्रेमानंद महाराज का स्टीमर पर बैठे हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उनके साथ कुछ शिष्य भी मौजूद हैं। बाढ़ पीड़ितों से मिलकर प्रेमानंद महाराज ने उनको धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे इस आपदा को ईश्वरीय प्रकोप न मानें, बल्कि इसे प्रकृति का एक हिस्सा समझें। यह भी कहा कि इस कठिन समय में सभी को धैर्य और साहस के साथ काम लेना चाहिए। जिस तरह से प्रभु ने गोवर्धन लीला में भक्तों की रक्षा की थी, उसी तरह वे आज भी सबकी रक्षा करेंगे।
बांके बिहारी मंदिर जाने वाले रास्ते पर भरा पानी
गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर जाने वाले वीआईपी मार्ग पर चार से पांच फीट तक पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी हो रही है। इस बीच, प्रेमानंद महाराज का बाढ़ का जायजा लेने निकलना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। प्रेमानंद महाराज का बाढ़ से परेशान लोगों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
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