सिर्फ़ 25 मिनट में पूरी हुई इच्छा की चाह – आठ साल की बच्ची बनी बाल कॉन्स्टेबल, पुलिस ने पहनाई वर्दी
उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में आठ साल की इच्छा बाल कॉन्स्टेबल बनी है। वह चौथी क्लास की छात्रा है। बाल कॉन्स्टेबल के रूप में इच्छा को महज 25 मिनट में नियुक्ति पत्र मिल गया है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने इच्छा को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए आशीर्वाद दिया है। बाल कॉन्स्टेबल बनने के बाद इच्छा को हर महीने सैलरी भी मिलेगी।
बाल कॉन्स्टेबल कैसे बनी इच्छा
दरअसल, बाल कॉन्स्टेबल हर कोई नहीं बन सकता है। यह पुलिस विभाग में कार्यरत लोगों की अचानक मृत्यु के बाद उनके बच्चों को अनुकंपा के आधार पर दी जाती है। बच्चे अगर छोटे होते हैं तो उन्हें बाल कॉन्स्टेबल के रूप में नियुक्ति मिलती है। इच्छा के पिता भी पुलिस विभाग में कार्यरत थे। 17 मई 2025 को हार्ट अटैक से हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह रघुवंशी की मौत हो गई थी।
दो सितंबर को इच्छा ने बाल कॉन्स्टेबल के लिए दिया आवेदन
पिता की मौत के बाद इच्छा ने दो सितंबर को बाल कॉन्स्टेबल बनने के लिए आवेदन दिया। आवेदन मिलने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने सजगता दिखाई। उन्होंने 25 मिनट के अंदर ही इच्छा को नियुक्ति पत्र सौंप दिया। इसके बाद इच्छा की नियुक्ति उज्जैन पुलिस में बाल कॉन्स्टेबल के रूप में हो गई।इस मौके पर एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग में बाल कॉन्स्टेबल का प्रावधान है। किसी कर्मी की मौत हो जाती है, उसके बच्चे को बाल कॉन्स्टेबल बनाया जाता है।
कितनी मिलेगी सैलरी
वहीं, बाल कॉन्स्टेबल बनी इच्छा को अभी हर महीने 10,000 रुपए की सैलरी मिलेगी। उसके नाम पर खाता खुलवाया गया है। यह सैलरी उसे पढ़ाई के लिए दी जाती है। वहीं, जब इच्छा 18 साल की हो जाएगी तो उसे पूर्ण सैलरी मिलेगी। अभी भी वह पुलिस विभाग में फुल टाइम कर्मचारी है।
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