10 गांवों के टापू बनने की समस्या खत्म होगी, चंबल-ब्राह्मणी के बीच मिलेगा सुरक्षित रास्ता
कोटा। रावतभाटा की लुहारिया पंचायत क्षेत्र में पाडाझर माताजी मार्ग पर 7 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से नई पुलिया का निर्माण होगा। नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड की समिति ने 19 अगस्त को हुई बैठक में केंद्रीय वन विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद योजना को मंजूरी दे दी है।
यह पुलिया भैंसरोड़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में बनेगी और राजस्थान परमाणु बिजलीघर (RAPS) की ओर से सामाजिक सरोकारों के तहत इसका निर्माण कराया जाएगा।
बार-बार बह चुकी है पुरानी पुलिया
पिछले तीन साल में ग्राम पंचायत की ओर से दो बार पुलिया बनाई गई, लेकिन भारी जलभराव के कारण दोनों बार बह गई। इस बार भी बरसात में गांव टापू जैसे हो गए और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ी।
10 गांवों को जोड़ेगा यह रास्ता
पुलिया बनने से पाडाझर माताजी मंदिर, काला खेत समेत 10 गांवों का रास्ता सुगम होगा। अभी इन गांवों तक जाने के तीन रास्ते हैं, जो सभी क्षतिग्रस्त हैं। एक ओर चंबल और दूसरी ओर ब्राह्मणी नदी होने के कारण आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती थी
पुलिया टूटने के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती थी। नतीजतन, कई मरीज समय पर इलाज के अभाव में दम तोड़ चुके हैं।
70 मीटर लंबी होगी पुलिया
राजस्थान परमाणु बिजलीघर के एसोसिएट डायरेक्टर एस.के. गुप्ता ने बताया कि पुलिया के निर्माण पर 7.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह 70 मीटर लंबी, 25 फीट चौड़ी और 10 फीट ऊंची होगी। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलते ही निविदा जारी कर कार्य शुरू किया जाएगा।
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